हिमाचल में बारिश का कहर, मकान ढहने से मां-बेटी की मौत
हिमाचल में बारिश का कहर, मकान ढहने से मां-बेटी की मौत

Post by : Himachal Bureau

Aug. 13, 2026 10:04 a.m. 130

कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है। प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। इसी बीच सिरमौर जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां तीन मंजिला मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे में मां और बेटी की मलबे में दबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है।

सिरमौर में तीन मंजिला मकान ढहा

सिरमौर जिले के राजगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत दीदग के छिछड़ियाधार में बुधवार दोपहर एक तीन मंजिला मकान अचानक गिर गया। बताया जा रहा है कि बारिश के कारण जमीन और मकान की स्थिति कमजोर हो गई थी। मकान के गिरते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मलबे में परिवार के सदस्य दब गए। स्थानीय युवाओं ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मलबा हटाया और उसमें दबे दो मासूम बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि इस हादसे में मां और बेटी की जान नहीं बचाई जा सकी। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें भी मौके पर पहुंचीं।

लाहौल-स्पीति में बाढ़ से बढ़ी परेशानी

बारिश के कारण लाहौल-स्पीति में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जहालमा नाले में अचानक बाढ़ आने और भारी मात्रा में मलबा बहने से चंद्रभागा नदी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हुआ है। पानी का स्तर बढ़ने के कारण जोबरंग पुल भी पानी में डूब गया। पुल के प्रभावित होने से जोबरंग, राशेल और राहपे गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों का सामान जुटाने के साथ-साथ खेतों में तैयार फसलों को मंडियों तक पहुंचाने की भी बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।

मानसून से अब तक 910 करोड़ का नुकसान

प्रदेश में इस बार Himachal Weather और लगातार बारिश के कारण भारी नुकसान हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार मानसून सीजन के दौरान अब तक करीब 910 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को नुकसान पहुंच चुका है। बारिश और उससे जुड़े हादसों में अब तक 163 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 257 लोग घायल हुए हैं। एक व्यक्ति के अभी भी लापता होने की जानकारी है। प्रदेश के कई हिस्सों में सड़कें, बिजली व्यवस्था और पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।

209 सड़कें अभी भी बंद

बारिश के कारण बुधवार सुबह प्रदेश में 288 सड़कें बंद थीं। राहत और बचाव दलों की लगातार कोशिशों के बाद शाम तक बंद सड़कों की संख्या घटकर 209 रह गई। मंडी-कुल्लू और मंडी-जोगिंद्रनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को भी बहाल कर दिया गया है। हालांकि ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में कई संपर्क मार्ग अभी भी बंद हैं। इससे स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बिजली और पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित

बारिश के कारण बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। बुधवार सुबह 112 ट्रांसफार्मर बंद थे, जिनमें से शाम तक अधिकांश को बहाल कर दिया गया। शाम तक 19 ट्रांसफार्मर बंद थे और इनमें से 13 मंडी जिले में प्रभावित रहे। पेयजल योजनाओं की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। सुबह प्रदेश में 55 पेयजल योजनाएं प्रभावित थीं, लेकिन शाम तक इनकी संख्या बढ़कर 70 हो गई। शिमला में 24 और सिरमौर में 17 पेयजल योजनाएं प्रभावित होने से कई इलाकों में पानी की समस्या सामने आई है।

कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज

पिछले 24 घंटों के दौरान सिरमौर के धौलाकुआं में सबसे अधिक 80 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा जाटों बैराज में 67 मिलीमीटर, कांगड़ा के धर्मशाला में 57 मिलीमीटर, पालमपुर में 54 मिलीमीटर और पांवटा साहिब में 50 मिलीमीटर बारिश हुई। प्रदेश में Himachal Pradesh Weather को लेकर मौसम विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। एक जून से 12 अगस्त तक राज्य में सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में कई क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर नुकसान बढ़ा है।

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18 अगस्त तक बारिश का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के कई हिस्सों में 18 अगस्त तक भारी बारिश को लेकर पीला अलर्ट जारी किया है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। Himachal Rain Alert के बीच प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और कमजोर मकानों के आसपास जाने से बचने की अपील की है। लगातार बारिश की स्थिति में पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक बाढ़, भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने का खतरा बना रहता है। प्रशासन और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मौसम साफ होने के बावजूद आने वाले दिनों में फिर बारिश होने की संभावना को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन की मदद लेने को कहा गया है।

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