Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश में मानसून लगातार अपना रौद्र रूप दिखा रहा है। भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़कें बंद होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। मंगलवार को शिमला-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां चलती कार पर पहाड़ी से अचानक बड़ी चट्टान गिर गई। इस हादसे में कार सवार एक कारोबारी की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं।
शिमला-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर दाड़लाघाट थाना क्षेत्र के भराड़ीघाट के पास दसेरन इलाके में यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि पहाड़ी से अचानक भारी चट्टान टूटकर नीचे आई और सड़क से गुजर रही कार इसकी चपेट में आ गई। हादसे में शिमला निवासी कारोबारी अनिल बख्शी की जान चली गई। कार में सवार दो अन्य लोग भी घायल हुए हैं। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां सड़क के चौड़ीकरण और निर्माण का काम भी चल रहा है, जिससे पहाड़ी क्षेत्र में जोखिम और बढ़ गया है। यह घटना Himachal Weather के बिगड़ते हालात और पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते Landslide के खतरे को एक बार फिर सामने लाती है।
प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी भारी बारिश के बीच पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिरने की खबरें सामने आई हैं। कुल्लू जिले के आनी सहित कई क्षेत्रों में वाहनों पर पत्थर गिरने से नुकसान हुआ है। अचानक सड़क पर चट्टानें आने के कारण वाहन चालकों में भी दहशत का माहौल है। शिमला के संजौली इलाके में भी बारिश के दौरान पहाड़ी से चट्टानें और मलबा गिर गया। इसकी चपेट में कई दोपहिया वाहन आ गए और करीब चार से पांच मोटरसाइकिलों को नुकसान पहुंचने की सूचना है।
लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मंगलवार शाम तक राज्य में दो राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कुल 204 सड़कें यातायात के लिए बंद बताई गईं। मंडी जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-154 और राष्ट्रीय राजमार्ग-21 समेत करीब 80 सड़कें प्रभावित हुई हैं। कुल्लू में 56, सिरमौर में 23, चंबा में 16 और शिमला में 14 सड़कें बंद हैं। सड़कों पर जगह-जगह मलबा और बड़ी चट्टानें गिरने के कारण यातायात बाधित हुआ है। लोक निर्माण विभाग की टीमें प्रभावित मार्गों को खोलने और यातायात बहाल करने के काम में जुटी हुई हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जा रही है।
भारी बारिश का असर केवल सड़कों तक सीमित नहीं है। प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। जानकारी के अनुसार बारिश और भूस्खलन के कारण करीब 45 विद्युत ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं, जबकि 82 पेयजल योजनाओं पर भी इसका असर पड़ा है। ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में मलबा गिरने तथा रास्ते अवरुद्ध होने से राहत एवं बहाली कार्य में भी कर्मचारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश में इस मानसून के दौरान बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में अब तक 163 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। इनमें सबसे अधिक 93 मौतें सड़क दुर्घटनाओं में हुई हैं। भूस्खलन से 14 लोगों की जान गई है, जबकि अचानक आई बाढ़ से एक व्यक्ति की मौत हुई। पानी में बहने की घटनाओं में चार लोगों की मौत हुई है। करंट लगने से छह लोगों की जान गई है। इसके अलावा पहाड़ी से फिसलने और पेड़ से गिरने जैसी घटनाओं में भी 23 लोगों की मौत हुई है। 30 जून से अब तक प्रदेश में बारिश और इससे जुड़ी प्राकृतिक घटनाओं के कारण करीब 910 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति के नुकसान का आकलन किया गया है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। 12 अगस्त को चंबा, कांगड़ा और मंडी में भारी बारिश को लेकर Yellow Alert जारी किया गया है। 13 अगस्त को बिलासपुर, चंबा, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं 14 अगस्त को सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर Orange Alert जारी किया गया है। इसी दिन बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन में भी भारी बारिश का पीला अलर्ट रहेगा। 15 अगस्त को कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और लाहौल-स्पीति में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 16 और 17 अगस्त को भी प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी है।
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लगातार खराब मौसम को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और कमजोर पहाड़ी सड़कों के पास जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। बारिश के दौरान सड़क पर अचानक पत्थर या मलबा गिरने का खतरा बना रहता है। ऐसे में वाहन चालकों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। हिमाचल में लगातार बिगड़ते Himachal Pradesh Weather के बीच आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी सतर्कता बेहद जरूरी हो गई है।
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