पालमपुर अस्पताल में 24 उंगलियों वाले बच्चे का जन्म, पहला मामला
पालमपुर अस्पताल में 24 उंगलियों वाले बच्चे का जन्म, पहला मामला

Author : Rajesh Vyas

Aug. 20, 2026 12:23 p.m. 231

कांगड़ा जिले के पालमपुर से एक असामान्य जन्म का मामला सामने आया है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। पालमपुर के नागरिक अस्पताल में एक बच्चे ने जन्म लिया है, जिसके दोनों हाथों और दोनों पैरों में छह-छह उंगलियां हैं। इस तरह बच्चे के हाथ-पैरों को मिलाकर कुल 24 उंगलियां हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पालमपुर अस्पताल में इस तरह का यह पहला मामला बताया जा रहा है। बच्चे के जन्म की जानकारी सामने आने के बाद अस्पताल में मौजूद लोगों और परिजनों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

दोनों हाथ और दोनों पैरों में छह-छह उंगलियां

बताया गया है कि नवजात के दोनों हाथों में छह-छह और दोनों पैरों में भी छह-छह उंगलियां हैं। सामान्य तौर पर एक व्यक्ति के दोनों हाथों और दोनों पैरों में कुल 20 उंगलियां होती हैं, लेकिन इस बच्चे में यह संख्या 24 है। इस स्थिति को चिकित्सकीय रूप से अतिरिक्त उंगलियों की जन्मजात अवस्था के रूप में जाना जाता है। 24 उंगलियों वाला बच्चा जन्म के समय ही इस विशेष शारीरिक बनावट के साथ सामने आया है।

अस्पताल में पहला मामला बताया जा रहा

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के मुताबिक, पालमपुर के नागरिक अस्पताल में अब तक ऐसा मामला सामने नहीं आया था। इसलिए अस्पताल में बच्चे का जन्म चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, बच्चे की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और आगे की चिकित्सकीय प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी संबंधित चिकित्सकों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। नवजात बच्चे का जन्म सामान्य प्रसव प्रक्रिया के बाद हुआ या किसी अन्य तरीके से, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। इसी तरह बच्चे के वजन, स्वास्थ्य और चिकित्सकीय जांच से जुड़ी जानकारी भी सामने आना बाकी है।

चिकित्सकीय जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट

ऐसे मामलों में चिकित्सक आमतौर पर अतिरिक्त उंगलियों की बनावट, उनकी संरचना और उनमें हड्डियों तथा नसों की स्थिति की जांच करते हैं। आगे उपचार की आवश्यकता है या नहीं, यह चिकित्सकीय परीक्षण के बाद ही तय किया जाता है। Polydactyly यानी जन्म से अतिरिक्त उंगलियों की स्थिति अलग-अलग रूपों में सामने आ सकती है। कुछ मामलों में अतिरिक्त उंगली छोटी होती है, जबकि कुछ मामलों में वह सामान्य उंगली की तरह विकसित भी हो सकती है। बच्चे के मामले में अतिरिक्त उंगलियों की वास्तविक संरचना और भविष्य की चिकित्सा संबंधी जानकारी डॉक्टरों की जांच के बाद ही सामने आएगी।

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परिवार के लिए खास पल

बच्चे के जन्म के साथ परिवार में खुशी का माहौल है। वहीं, बच्चे की अनोखी शारीरिक बनावट के कारण यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय भी बन गया है। परिवार की निजता का सम्मान करते हुए बच्चे और उसके माता-पिता से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक करना उचित नहीं है। यह मामला एक बार फिर बताता है कि जन्म के समय बच्चों में अलग-अलग तरह की शारीरिक विविधताएं देखने को मिल सकती हैं। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह और उचित जांच को प्राथमिकता देना जरूरी होता है।

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