Post by : Ram Chandar
हिमाचल प्रदेश सरकार ने 15 अतिरिक्त राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध करने की मंजूरी दे दी है। यह कदम राज्य में गुणवत्तापूर्ण और समान शैक्षणिक अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, बिलासपुर, सिरमौर, शिमला और मंडी जिलों के इन स्कूलों के जुड़ने के बाद अब सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों की संख्या बढ़कर कुल 15 हो गई है।
इनमें हमीरपुर जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बदरां, बटरान, रेल और जलाड़ी; कांगड़ा जिले के बरौह, गंगथ और ठाकुरद्वारा; सोलन जिले के चंडी और जोघो; बिलासपुर जिले के पंजगाईं; सिरमौर जिले के अंबोया और सराहन; शिमला जिले के मतियाना; और मंडी जिले के चौंतड़ा और कोटली स्कूल शामिल हैं। इन सभी स्कूलों में अब CBSE पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा दी जाएगी, जिससे विद्यार्थियों को उच्च स्तर की पढ़ाई का अवसर मिलेगा।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सीबीएसई संबद्धता से छात्रों को राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम, मूल्यांकन प्रणाली और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का लाभ मिलेगा। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि अब उन्हें शहरी स्कूलों जैसी गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इस कदम से प्रदेश में शिक्षा के स्तर में समानता और सुधार की दिशा में एक बड़ा योगदान होगा।
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में व्याख्याता/पीजीटी (लोक प्रशासन) के पदों की निरंतरता सुनिश्चित की जाए। इसके तहत ऐसे स्वीकृत पदों को उन स्कूलों में स्थानांतरित किया जा सकेगा, जहां विद्यार्थियों की संख्या अधिक हो और संबंधित विषय वर्तमान में संचालित हो। शिक्षकों का स्थानांतरण सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति से ही किया जाएगा, ताकि पाठ्यक्रम और शिक्षण की गुणवत्ता पर कोई असर न पड़े।
इसके अलावा सरकार ने निदेशालय को निर्देश दिए हैं कि सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में लोक प्रशासन विषय को ऐच्छिक विषय के रूप में शुरू करने की संभावनाओं का अध्ययन किया जाए। इसके लिए भारत सरकार और CBSE के साथ निर्धारित प्रक्रिया के तहत मामला उठाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों को विषयों के व्यापक विकल्प उपलब्ध हों और वे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं तथा उच्च शिक्षा में बेहतर तैयारी कर सकें।
इस निर्णय से यह स्पष्ट है कि हिमाचल प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए समान पाठ्यक्रम उपलब्ध कराना, शिक्षकों की उचित तैनाती और विशेष विषयों की उपलब्धता इस नीति के मुख्य उद्देश्यों में शामिल हैं।
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