एफआरए पात्रों को प्राथमिकता से अधिकार दिलाने के निर्देश
एफआरए पात्रों को प्राथमिकता से अधिकार दिलाने के निर्देश

Author : Rajesh Vyas

Aug. 19, 2026 11:02 a.m. 128

नगर निगम पालमपुर में वन अधिकार अधिनियम के तहत लंबित और प्राप्त मामलों की समीक्षा के लिए एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल ने विशेष रूप से भाग लिया और संबंधित विभागों के अधिकारियों से मामलों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वन अधिकार अधिनियम के तहत पात्र लोगों को उनके कानूनी अधिकार दिलाने की प्रक्रिया में किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

पात्र लोगों के मामलों का समयबद्ध निपटारा

बैठक के दौरान विधायक आशीष बुटेल ने अधिकारियों से प्राप्त आवेदनों, उनकी जांच और अब तक हुई कार्रवाई के बारे में बिंदुवार जानकारी हासिल की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मामले नियमों के अनुसार पात्र पाए जाते हैं, उनके मामलों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि FRA के तहत आने वाले मामलों को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रखा जाए, बल्कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को उसका अधिकार दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई समय पर पूरी की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर भी जोर दिया, ताकि प्रक्रिया में किसी स्तर पर अनावश्यक अड़चन न आए।

जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे अधिकारों की जानकारी

विधायक ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद और पात्र लोगों को वन अधिकार कानून के तहत मिलने वाले अधिकारों का लाभ सुनिश्चित करना है। इसके लिए जमीनी स्तर पर पात्र लोगों की पहचान करना बेहद जरूरी है। उन्होंने नगर निगम के प्रतिनिधियों, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, बीडीसी सदस्यों और नगर निगम पार्षदों से अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि स्थानीय स्तर पर ऐसे लोगों की पहचान करें, जो अधिनियम के तहत अधिकार पाने के पात्र हैं, और उन्हें आवेदन से लेकर प्रक्रिया पूरी होने तक आवश्यक सहयोग उपलब्ध करवाएं।

वन अधिकार समितियों को मजबूत करने पर जोर

बैठक में वन अधिकार समिति से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर भी चर्चा हुई। विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन अधिकार समितियों के सदस्यों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएं। प्रशिक्षण के माध्यम से समितियों को आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेजों की जांच और संबंधित नियमों की बेहतर जानकारी दी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यदि जमीनी स्तर पर समितियों और संबंधित प्रतिनिधियों को पूरी जानकारी होगी, तो पात्र लोगों के मामलों को आगे बढ़ाने में आसानी होगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बन सकेगी।

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अधिकारियों को लापरवाही से बचने के निर्देश

आशीष बुटेल ने उपमंडल प्रशासन के अधिकारियों से कहा कि सरकार FRA Rights से जुड़े मामलों को गंभीरता से देख रही है। इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और पात्र आवेदकों को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएं। बैठक में महापौर राधा सूद, उप-महापौर नीलम मलिक, आयुक्त नेत्रा मेती, उपमंडलाधिकारी पालमपुर डॉ. ओपी यादव, संयुक्त आयुक्त रमेश चंद, आरओ आदित्य सहित नगर निगम के पार्षद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के माध्यम से प्रशासनिक स्तर पर यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि Forest Rights Act के तहत पात्र लोगों के मामलों को प्राथमिकता मिले और अधिकार दिलाने की प्रक्रिया निर्धारित समय के भीतर पूरी की जाए।

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