हिमाचल: एचपीवी वैक्सीन पर फैली अफवाहों को स्वास्थ्य विभाग ने नकारा
हिमाचल: एचपीवी वैक्सीन पर फैली अफवाहों को स्वास्थ्य विभाग ने नकारा

Post by : Himachal Bureau

April 9, 2026 1:04 p.m. 1426

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन , हिमाचल प्रदेश ने प्रदेश में एचपीवी  वैक्सीन को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उन्हें पूरी तरह निराधार बताया है। स्वास्थ्य विभाग ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि सरकार की ओर से ऐसी कोई भी गाइडलाइन जारी नहीं की गई है, जिसमें बेटियों के लिए विदेश यात्रा  हेतु एचपीवी टीकाकरण या उसका प्रमाणपत्र अनिवार्य किया गया हो। मिशन ने जनता को आश्वस्त किया है कि एचपीवी टीकाकरण पूरी तरह से एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है और यह केवल अभिभावकों की लिखित और सूचित सहमति  के बाद ही पात्र किशोरियों को लगाया जाता है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, टीकाकरण से पूर्व स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा अभिभावकों को इस वैक्सीन के फायदों और इससे जुड़ी तकनीकी जानकारी विस्तार से दी जाती है और उनकी सहमति मिलने के बाद ही प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है।वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह टीका 14 से 15 वर्ष की किशोरियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उन्हें भविष्य में होने वाले गर्भाशय ग्रीवा  जैसे गंभीर और जानलेवा रोग से सुरक्षा प्रदान करता है। शोध में यह प्रमाणित हो चुका है कि एचपीवी संक्रमण ही सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण है और समय पर वैक्सीन लेने से इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे अपुष्ट जानकारी और अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी अधिकृत स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही विश्वास करें। किसी भी प्रकार की शंका होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, चिकित्सा अधिकारी या क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता से संपर्क किया जा सकता है।अभियान के आंकड़ों पर नज़र डालें तो प्रदेशभर में 29 मार्च से शुरू हुए इस विशेष टीकाकरण सत्र के तहत जिला शिमला में अब तक 871 किशोरियों का टीकाकरण किया जा चुका है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने यू-विन  पोर्टल पर जिले की लगभग 4000 किशोरियों का पंजीकरण पहले ही सुनिश्चित कर लिया है और आने वाले दिनों में इस संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

गौर करने वाली बात यह है कि जो एचपीवी टीका खुले बाजार में लगभग 11,000 रुपये की भारी-भरकम कीमत पर मिलता है, वह सरकार द्वारा चिन्हित स्वास्थ्य संस्थानों और केंद्रों में पूरी तरह नि:शुल्क लगाया जा रहा है। सरकार का मुख्य लक्ष्य इस महंगी वैक्सीन को हर वर्ग तक पहुँचाना है ताकि प्रदेश की बेटियों को कैंसर मुक्त भविष्य दिया जा सके। फिलहाल विभाग का पूरा जोर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को तेज करने और टीकाकरण के प्रति जागरूकता फैलाने पर है ताकि कोई भी पात्र किशोरी इस सुरक्षा चक्र से वंचित न रहे।

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