हमीरपुर शाहतलाई मंदिर में जन्म से बोल न पाने वाले बच्चे ने बोले पहले शब्द, श्रद्धालुओं में बढ़ी आस्था
हमीरपुर शाहतलाई मंदिर में जन्म से बोल न पाने वाले बच्चे ने बोले पहले शब्द, श्रद्धालुओं में बढ़ी आस्था

Post by : Himachal Bureau

Feb. 23, 2026 1:16 p.m. 115

हिमाचल प्रदेश, जिसे देवभूमि के नाम से जाना जाता है, अपने पवित्र मंदिरों और तीर्थस्थलों के लिए प्रसिद्ध है। समय-समय पर यहाँ ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जो न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को और गहरा करती हैं, बल्कि लोगों के विश्वास और उम्मीद की भी पुष्टि करती हैं। पहाड़ों की रमणीय वादियों में स्थित ये तीर्थ स्थल भक्तों को अपनी आस्था, विश्वास और प्रार्थना के साथ खींचते हैं और कई बार लोग ऐसे अनुभव लेकर लौटते हैं जिन्हें वे चमत्कार मानते हैं।

ऐसा ही एक अद्भुत प्रसंग हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध सिद्ध पीठ शाहतलाई मंदिर में सामने आया। यहाँ एक छह वर्षीय बच्चा, जो जन्म से ही बोलने में असमर्थ था, अब बोलने लगा है। परिजन इसे बाबा बालक नाथ की कृपा मान रहे हैं। मन्नत पूरी होने पर परिवार ने बाबा के चरणों में चांदी की जीभ अर्पित कर अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।

जानकारी के अनुसार, पंजाब के जालंधर का यह परिवार पिछले वर्ष चैत्र मास के मेलों के दौरान बाबा बालक नाथ की तपोस्थली पहुँचा था। उनके बेटे को जन्म से ही बोलने में कठिनाई थी। परिवार ने कई बड़े अस्पतालों में बेटे का इलाज करवाया, लेकिन हर जगह से उन्हें निराशा ही हाथ लगी। थक-हार कर उन्होंने बाबा बालक नाथ के दरबार का रुख किया। परिवार ने मंदिर के पंडित को अपने बच्चे की समस्या बताई। पंडित ने परिवार को बाबा के दरबार में अरदास करने और विशेष प्रार्थना करने की सलाह दी। मंदिर में पंडित ने स्वयं विशेष अरदास करवाई और बच्चे के लिए प्रार्थना की।

परिवार का कहना है कि अरदास के कुछ समय बाद बच्चे में परिवर्तन दिखने लगा। शुरुआत में हल्की आवाजें सुनाई दीं, फिर टूटे-फूटे शब्द और देखते ही देखते वह साफ बोलने लगा। बच्चे के पहले शब्द सुनते ही घर में उत्सव जैसा माहौल बन गया। करीब 11 महीने बाद परिवार पुनः शाहतलाई मंदिर पहुँचा। उन्होंने बाबा के चरणों में शीश नवाया, लंगर सेवा की और अपनी मन्नत के अनुरूप चांदी की जीभ अर्पित की।

मंदिर के पुजारी ने बताया कि श्रद्धालु ने पहले ही फोन पर खुशखबरी साझा की थी। उनके अनुसार सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती। बाबा के दरबार में आने वाला हर भक्त अपने विश्वास के साथ लौटता है। शाहतलाई मंदिर देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं का केंद्र है। विशेषकर चैत्र और सावन मास में यहाँ भारी भीड़ उमड़ती है। मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और लंगर सेवा निरंतर चलती रहती है।

यह ताजा घटना एक बार फिर लोगों के विश्वास और आस्था को मजबूत करती है। कठिन परिस्थितियों में भी श्रद्धालु उम्मीद का दीप जलाए रखते हैं और अपने विश्वास से अद्भुत अनुभव प्राप्त करते हैं। शाहतलाई में घटित यह घटना केवल एक चमत्कार नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और कृतज्ञता का जीवंत प्रमाण है।

भक्तों और परिजनों के लिए यह घटना उनके जीवन में प्रेरणा और भरोसे का स्रोत बनी है। देवभूमि हिमाचल प्रदेश के पवित्र मंदिर ऐसे अद्भुत अनुभवों से लोगों के मन में विश्वास और भक्ति को लगातार प्रगाढ़ करते रहते हैं।

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