Author : Deepak Jaswal Gagret
हमीरपुर जिला के झनियारा क्षेत्र में भूतपूर्व सैनिक सेवा संगठन के सदस्यों ने हाल ही में स्मार्ट मीटर के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में संगठन के दर्जनों सदस्यों ने भाग लिया और बिजली विभाग द्वारा लागू किए जा रहे स्मार्ट मीटर को लेकर अपनी आपत्तियां मुखर रूप से जताईं।
संगठन के सदस्यों का कहना था कि स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली की खपत और बिलिंग प्रणाली में पारदर्शिता तो आएगी, लेकिन इसके साथ-साथ आम लोगों और विशेषकर बुजुर्ग और भूतपूर्व सैनिकों के लिए कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर की वजह से बिजली के बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है और कई बार मीटर सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं।
भूतपूर्व सैनिक सेवा संगठन के सदस्यों ने प्रदर्शन के दौरान यह भी कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं दी गई थी कि नए मीटर कब और किस तरह से लगाए जाएंगे। इसके अलावा, स्मार्ट मीटर के तकनीकी पहलुओं और डेटा सुरक्षा से जुड़े सवालों को भी उन्होंने उठाया। संगठन का यह मानना है कि बिना पूरी जानकारी और लोगों की सहमति के इन मीटरों का लगाना उचित नहीं है।
संगठन की मांगें और अधिकारियों से अनुरोध
प्रदर्शन के दौरान झनियारा के भूतपूर्व सैनिकों ने अधिकारियों से यह मांग की कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले पूरी तरह जागरूकता अभियान चलाया जाए और लोगों की सहमति ली जाए। साथ ही उन्होंने बिजली बिलों में वृद्धि और मीटर की गुणवत्ता पर निगरानी बढ़ाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि भूतपूर्व सैनिक सेवा संगठन हमेशा लोगों के हित में काम करता है और इस तरह के मामलों में आवाज उठाना संगठन की जिम्मेदारी है।
स्थानीय बिजली विभाग के अधिकारियों ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने की दिशा में कदम उठाए। अधिकारियों ने संगठन के प्रतिनिधियों से कहा कि उन्हें सभी शिकायतों को नोट किया जाएगा और समस्या का समाधान शीघ्र किया जाएगा। हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया कि वे तब तक विरोध जारी रखेंगे जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती।
भूतपूर्व सैनिक सेवा संगठन झनियारा ने संकेत दिया है कि यदि स्मार्ट मीटर के संबंध में उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे उच्च अधिकारियों और विधिक मार्ग से अपनी आवाज उठाएंगे। संगठन का यह भी कहना है कि उनके प्रयास का मकसद केवल अपने सदस्यों और आम जनता के हित में सुधार करना है, न कि किसी विभाग के खिलाफ विरोध करना।
इस विरोध प्रदर्शन को सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संगठन ने यह स्पष्ट किया कि भूतपूर्व सैनिक और आम नागरिक दोनों को इस परिवर्तन के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। स्मार्ट मीटर जैसी तकनीकी पहल को लागू करने के लिए जनता का विश्वास और सहयोग जरूरी है, और इसे बिना जागरूकता और सहमति के लागू करना समस्याओं को जन्म दे सकता है।
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