गंधर्वा राठौड़ ने हमीरपुर में एचपीवी टीकाकरण तेज करने की अपील की
गंधर्वा राठौड़ ने हमीरपुर में एचपीवी टीकाकरण तेज करने की अपील की

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

May 20, 2026 4:48 p.m. 127

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में एचपीवी टीकाकरण अभियान को तेज करने के लिए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने जिले के सभी हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के प्रमुखों तथा शिक्षकों से अपील की है कि वे 14-15 वर्ष आयु वर्ग की उन सभी लड़कियों को, जो अभी तक एचपीवी वैक्सीन से वंचित रह गई हैं, टीका लगवाने के लिए प्रेरित करें।

उन्होंने कहा कि यह टीका लड़कियों को जीवनभर गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान करता है। इसलिए इस टीके को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांतियों को दूर करना बेहद जरूरी है। अगर किसी छात्रा या उसके अभिभावक के मन में कोई सवाल या शंका है, तो शिक्षकों को तुरंत उसका समाधान करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग की मदद से काउंसलिंग भी करानी चाहिए।

यह बात उन्होंने एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान कही, जो स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के संयुक्त सहयोग से डिग्री कॉलेज में आयोजित की गई थी। इस कार्यशाला में जिले के सभी हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के प्रमुख शामिल हुए। उपायुक्त ने कहा कि इस अभियान का लक्ष्य जिले में शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि हमीरपुर जिले में 29 मार्च से शुरू किए गए इस अभियान के तहत कुल 2967 लड़कियों को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 1228 लड़कियां यह टीका लगवा चुकी हैं, जबकि बाकी को जल्द कवर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने यह भी बताया कि एचपीवी वैक्सीन वर्ष 2006 में पहली बार विश्व स्तर पर शुरू की गई थी और अब तक 159 देशों में इसकी 50 करोड़ से अधिक डोज लगाई जा चुकी हैं। भारत में पहले यह वैक्सीन केवल निजी अस्पतालों में उपलब्ध थी, लेकिन अब इसे सरकारी स्तर पर मुफ्त टीकाकरण अभियान के तहत शामिल किया गया है।

उन्होंने शिक्षकों से कहा कि यह अभियान लड़कियों के भविष्य और स्वास्थ्य से जुड़ा एक बहुत बड़ा अवसर है, इसलिए सभी 14-15 वर्ष आयु वर्ग की लड़कियों को 31 मई से पहले टीका लगवाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि हमीरपुर जिला शिक्षा और विकास के मानकों में अग्रणी है, इसलिए इसे एचपीवी टीकाकरण में भी मॉडल जिला बनाया जाना चाहिए। इसमें शिक्षकों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि बच्चे अपने शिक्षकों से बहुत प्रभावित होते हैं।

इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारियों से बचने और केवल वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित जानकारी फैलाने की अपील की। कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय अत्री सहित शिक्षा विभाग और कॉलेज प्रशासन के कई अधिकारी भी उपस्थित रहे और उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने का भरोसा दिया।

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