धर्मशाला नगर निगम को एक सप्ताह का अल्टीमेटम, समस्याएं हल नहीं हुईं तो होगा घेराव
धर्मशाला नगर निगम को एक सप्ताह का अल्टीमेटम, समस्याएं हल नहीं हुईं तो होगा घेराव

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Oct. 14, 2026 5:30 p.m. 118

जनरल हाउस की नियमित बैठकें नहीं होने और वार्ड सभाओं व समितियों का गठन लंबित रहने पर पार्षद प्रवीण प्रकाश ने उठाए सवाल, खनियारा में शौचालयों और स्ट्रीट लाइट की बदहाली पर जताई नाराजगी धर्मशाला, 14 अक्टूबर, रजनीश कपिल। नगर निगम धर्मशाला की कार्यप्रणाली को लेकर वार्ड नंबर 15 खनियारा के पार्षद प्रवीण प्रकाश ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सामान्य सदन (जनरल हाउस) की नियमित बैठकें नहीं होने, वार्ड सभाओं और वार्ड समितियों का गठन लंबित रहने तथा शहर के विभिन्न वार्डों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर नाराजगी जताई है। पार्षद ने नगर निगम प्रशासन को एक सप्ताह का समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो नगर निगम कार्यालय का घेराव किया जाएगा। प्रवीण प्रकाश का कहना है कि नगर निगम की बैठकों के माध्यम से वार्डों की समस्याओं को सदन में उठाया जाता है और विकास कार्यों से जुड़े फैसले लिए जाते हैं। ऐसे में नियमित बैठकें नहीं होने से जनसमस्याओं पर चर्चा और विकास कार्यों की समीक्षा प्रभावित हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सदन की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

जुलाई के बाद अगस्त और सितंबर में नहीं हुई बैठक: पार्षद

पार्षद प्रवीण प्रकाश के अनुसार, 29 जून 2026 को नवनिर्वाचित पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया था। इसके बाद जुलाई में नगर निगम धर्मशाला की पहली सामान्य सदन की बैठक हुई। उनका आरोप है कि अगस्त और सितंबर में सदन की कोई बैठक आयोजित नहीं की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सदन की नियमित बैठकें ही नहीं होंगी, तो पार्षद अपने-अपने वार्डों की समस्याओं को किस मंच पर प्रभावी ढंग से उठाएंगे। उनके अनुसार, सामान्य सदन की बैठकें केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं हैं, बल्कि शहर के विकास कार्यों की समीक्षा, बजट और योजनाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा तथा नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। धर्मशाला नगर निगम में कुल 17 वार्ड हैं। प्रत्येक वार्ड की जरूरतें और समस्याएं अलग-अलग हो सकती हैं। ऐसे में नियमित बैठकों के जरिए इन मुद्दों पर चर्चा कर प्राथमिकताएं तय करना जरूरी है। पार्षद का कहना है कि बैठकों में देरी होने से विकास संबंधी निर्णय लेने और समस्याओं को प्रशासन के सामने रखने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

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वार्ड सभाओं और समितियों का गठन भी लंबित

प्रवीण प्रकाश ने वार्ड सभाओं का आयोजन नहीं होने और वार्ड समितियों का गठन लंबित रहने का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए वार्ड सभाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इनके माध्यम से क्षेत्र के नागरिक अपनी समस्याएं, जरूरतें और विकास संबंधी सुझाव सीधे सामने रख सकते हैं। उन्होंने स्ट्रीट वेंडिंग कमेटी की बैठक नहीं होने पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, नगर निगम के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विषयों पर संबंधित समितियों की बैठकें समय पर होना जरूरी है, ताकि मुद्दों पर चर्चा के बाद जरूरी निर्णय लिए जा सकें। पार्षद ने प्रशासन से मांग की कि वार्ड सभाओं और वार्ड समितियों के गठन की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए। साथ ही स्ट्रीट वेंडिंग कमेटी की बैठक बुलाकर उससे जुड़े मामलों पर भी चर्चा की जाए। उनका मानना है कि इन व्यवस्थाओं के सक्रिय होने से स्थानीय समस्याओं को समय पर सामने लाने और उनके समाधान की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सकता है।

खनियारा में सार्वजनिक शौचालयों की हालत खराब

वार्ड नंबर 15 खनियारा में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए पार्षद ने सार्वजनिक शौचालयों की खराब हालत का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि पंचायत के कार्यकाल में बनाए गए कुछ सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति ठीक नहीं है। कई जगह दरवाजे टूटे हुए हैं, जबकि कुछ स्थानों पर पानी की नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है। इन समस्याओं के कारण शौचालयों का इस्तेमाल करने वाले लोगों को परेशानी होती है। पार्षद ने विशेष रूप से महिलाओं को होने वाली असुविधा की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि सार्वजनिक शौचालयों का रखरखाव और उनमें पानी जैसी जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से मांग की कि शौचालयों की स्थिति का निरीक्षण करवाकर मरम्मत और नियमित रखरखाव की व्यवस्था की जाए। सार्वजनिक सुविधाओं की अनदेखी से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ इनका इस्तेमाल करने वाले अन्य लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

स्ट्रीट लाइट की समस्या से भी लोग परेशान

खनियारा में स्ट्रीट लाइट की समस्या को लेकर भी पार्षद ने नाराजगी जताई। उनके अनुसार, इस संबंध में स्थानीय स्तर पर समस्याएं कई बार संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के सामने रखी गई हैं, लेकिन लोगों को अपेक्षित राहत नहीं मिल पाई है। स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था ठीक नहीं होने से शाम और रात के समय लोगों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। ऐसे में खराब लाइटों की मरम्मत और जरूरत के अनुसार नई लाइटों की व्यवस्था करना जरूरी है। पार्षद ने नगर निगम से मांग की कि इस समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए और संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का काम लोगों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाना है, लेकिन बार-बार मुद्दे उठाने के बाद भी समाधान नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती है। इसलिए जरूरी है कि शिकायतों पर केवल चर्चा तक सीमित रहने के बजाय कार्रवाई भी की जाए।

अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग

पार्षद प्रवीण प्रकाश ने नगर निगम प्रशासन से जनरल हाउस की नियमित बैठकें आयोजित करने, वार्ड सभाओं और समितियों के गठन की प्रक्रिया पूरी करने तथा स्ट्रीट वेंडिंग कमेटी की बैठक बुलाने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने खनियारा में सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत, पानी की उपलब्धता और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नगर निगम को शहर के सभी वार्डों में बुनियादी सुविधाओं से संबंधित शिकायतों की समीक्षा कर उनके निपटारे के लिए स्पष्ट कार्ययोजना बनानी चाहिए। जिन मामलों में कार्रवाई लंबित है, उनमें संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। प्रवीण प्रकाश ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वह नगर निगम कार्यालय का घेराव करेंगे। अब इस मामले में नगर निगम प्रशासन की प्रतिक्रिया और समस्याओं के समाधान को लेकर उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।

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