Author : Ashok Kumar Chamba
जिला चंबा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गद्दी समुदाय के उत्थान के लिए कार्यरत 'गद्दी सांस्कृतिक एवं विकास मंच' ने जिला मुख्यालय में अपने स्थायी कार्यालय की मांग उठाई है। इस उद्देश्य के तहत मंच के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार तक अपनी अपील पहुँचाई और जनजातीय सराय भवन में कार्यालय हेतु स्थान उपलब्ध करवाने का आग्रह किया।
मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि यह एक पंजीकृत संस्था है, जो गद्दी समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक हितों के लिए लगातार कार्यरत है। लेकिन जिला मुख्यालय में कोई स्थायी कार्यालय न होने के कारण, संस्था को मासिक बैठकों और संगठनात्मक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पदाधिकारियों ने बताया कि मंच को बैठकें आयोजित करने और प्रशासनिक कार्य करने के लिए एक निश्चित स्थान की आवश्यकता है। स्थायी कार्यालय मिलने से संस्था अपने कार्यक्रमों को बेहतर तरीके से व्यवस्थित कर सकेगी और गद्दी समुदाय की समस्याओं को अधिक प्रभावी ढंग से सुलझाने में सक्षम होगी।
गद्दी समुदाय जनजातीय श्रेणी में आता है और उनका सांस्कृतिक व सामाजिक उत्थान क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि उन्हें सरकारी सहयोग मिलता है और जनजातीय सराय में कार्यालय का स्थान आवंटित किया जाता है, तो यह चंबा के गद्दी समाज के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। इससे संस्था के माध्यम से विकास योजनाओं और सामाजिक कार्यक्रमों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना संभव होगा।
मंच ने विशेष रूप से यह उल्लेख किया कि उनका उद्देश्य केवल बैठकें करना नहीं, बल्कि गद्दी संस्कृति को जीवित रखना और समाज की समस्याओं का समाधान करना है। कार्यालय मिलने से उनके काम में पारदर्शिता, गति और प्रभावशीलता बढ़ेगी।
चूंकि जनजातीय सराय हिमाचल सरकार के अधीन है, मंच ने वहां एक कक्ष आवंटित करने की मांग की है। पदाधिकारियों का कहना है कि जनजातीय सराय में कार्यालय मिलने से प्रशासन और संस्था के बीच बेहतर तालमेल और सहयोग सुनिश्चित होगा।
मंच ने प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि उनकी मांग पर जल्द संज्ञान लिया जाए। यदि यह कार्यालय आवंटित होता है, तो यह न केवल गद्दी समुदाय के सामाजिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए महत्वपूर्ण होगा, बल्कि चंबा जिले में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी योगदान देगा।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि कार्यालय मिलने से मंच की कार्यप्रणाली सुव्यवस्थित और प्रभावी होगी और भविष्य में होने वाले कार्यक्रमों, जागरूकता अभियानों और सांस्कृतिक आयोजनों में और अधिक सफलता मिलेगी।
यह पहल चंबा जिले में सांस्कृतिक संरक्षण और समुदाय आधारित विकास कार्यों की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। अब यह देखना बाकी है कि प्रशासन इस मांग पर कितनी जल्दी और गंभीरता से कार्रवाई करता है।
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