बद्दी में खराब सड़कों और नालियों पर निवासियों ने जताई नाराजगी
बद्दी में खराब सड़कों और नालियों पर निवासियों ने जताई नाराजगी

Post by : Ram Chandar

Feb. 23, 2026 1:02 p.m. 213

बद्दी: औद्योगिक नगरी बद्दी में मूलभूत सुविधाओं की लगातार बिगड़ती स्थिति और सड़क ढांचे की खस्ता हालत के विरोध में रविवार को लोगों का सब्र फूट पड़ा। ओमैक्स पार्कवुड के बाहर सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया और सरकार तथा संबंधित विभागों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन में पूर्व विधायक परमजीत सिंह पम्मी, भाजपा नेता गुरमेल चौधरी, बलविंदर ठाकुर और लक्की सिंह धुन्ना भी मौजूद रहे।

प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर सड़कों, नालियों और शहर की अन्य मूलभूत सुविधाओं की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद न तो सड़कें सुधारी जा रही हैं और न ही नालियों की सफाई हो रही है, जिससे हालात और भी बदतर हो गए हैं। पूर्व विधायक परमजीत सिंह पम्मी ने कहा कि बीबीएन क्षेत्र प्रदेश को करोड़ों रुपए का राजस्व देता है, लेकिन बद्दी की सड़कें बेहद खराब स्थिति में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक रामकुमार केवल टेंडरों की घोषणाएं कर जनता को गुमराह कर रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई काम दिखाई नहीं दे रहा।

भाजपा नेता गुरमेल चौधरी ने कहा कि औद्योगिक राजधानी कहलाने वाले बद्दी में बुनियादी ढांचा चरमरा चुका है और सरकार ने क्षेत्र की पूरी तरह अनदेखी की है। पूर्व बीडीसी उपाध्यक्ष बलविंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि जनता को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी होगी, तभी सरकार और प्रशासन जागेंगे।

ओमैक्स पार्कवुड के निवासियों ने बताया कि सड़कें और नालियां इतनी खराब हो चुकी हैं कि कई परिवार यहां से मकान बेचकर जाने की सोच रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ, तो लोग चक्का जाम और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

इस संदर्भ में विधायक रामकुमार चौधरी ने कहा कि चक्का रोड क्षेत्र में निर्माण कार्य के कारण जल निकासी की समस्या उत्पन्न हुई थी। उचित नालियां बनाकर सड़क का पुनर्निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सड़क के पुनर्निर्माण के लिए 19 फरवरी को टेंडर आमंत्रित किए जा चुके हैं और कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा।

स्थानीय लोगों का मानना है कि सड़कें और बुनियादी ढांचा ठीक न होने की वजह से न केवल उनका जीवन दूभर हो रहा है, बल्कि शहर की औद्योगिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि अगर सरकार समय रहते उचित कदम नहीं उठाती, तो औद्योगिक नगरी बद्दी में लोगों की नाराजगी और तेज़ हो सकती है।

यह प्रदर्शन यह भी दर्शाता है कि नागरिक अब सिर्फ शिकायतों तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि अपने अधिकारों की सुरक्षा और बेहतर जीवन स्तर के लिए सक्रिय रूप से आवाज उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से तत्काल निरीक्षण कर समयबद्ध कार्य योजना बनाने और उसे लागू करने की मांग भी की।

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