राजगढ़ में आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाल व्यवस्था पर प्रशासन सख्त

Author : Gopal Dutt Sharma

सिरमौर जिले के राजगढ़ में खंड स्तरीय अनुश्रवण एवं निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के 190 आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली, आधारभूत सुविधाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता उपमंडलाधिकारी राज कुमार ठाकुर ने की। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी भाग लेकर योजनाओं की वर्तमान स्थिति और प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की।बैठक के दौरान कई आंगनबाड़ी केंद्रों में आवश्यक सुविधाओं के अभाव का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। कई केंद्रों के भवन अभी भी अधूरे पाए गए, जबकि अनेक स्थानों पर बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। आंगनबाड़ी केंद्र की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

अधूरे भवनों और मूलभूत सुविधाओं की कमी पर जताई नाराजगी

बैठक में पाया गया कि कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा हुआ है, जिससे बच्चों और महिलाओं को निर्धारित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कई केंद्रों में स्वच्छ पेयजल, विद्युत आपूर्ति और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की कमी भी सामने आई।अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ तभी प्रभावी होगा जब आधारभूत सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध हों। पोषण अभियान के सफल संचालन के लिए भी बेहतर संसाधनों पर बल दिया गया।

विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की हुई समीक्षा

बैठक के दौरान महिलाओं और बच्चों के कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इनमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, बेटी है अनमोल योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना और मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना शामिल रहीं।अधिकारियों ने योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या, कार्यान्वयन की स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा की। प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।

प्रशासन ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

बैठक के अंत में उपमंडल प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों से समन्वय बनाकर कार्य करने और लंबित विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित निगरानी की जाए ताकि बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को सभी सुविधाएं समय पर मिल सकें।प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब हर पात्र व्यक्ति तक उनका लाभ पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचे। महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े सभी कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा जारी रखने का निर्णय लिया गया, ताकि क्षेत्र में बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा से जुड़े प्रयासों को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। राजगढ़ क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया।

July 15, 2026 12:47 p.m. 379
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