Post by : Himachal Bureau
दिल्ली में नीट परीक्षा से जुड़े प्रदर्शन के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक विशेष कैंडल मार्च आयोजित करने की घोषणा की गई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए नागरिकों, विद्यार्थियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से बड़ी संख्या में श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि यह आयोजन केवल दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि देने का माध्यम नहीं होगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, न्याय और छात्रों की सुरक्षा के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का भी प्रतीक बनेगा। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनके दुख की भरपाई संभव नहीं है। ऐसे कठिन समय में समाज का नैतिक समर्थन और संवेदनशीलता ही सबसे बड़ी ताकत होती है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कैंडल मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा। इसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को शामिल होने का आमंत्रण दिया गया है। Candle March के माध्यम से दिवंगत छात्रों को सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी तथा उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े हर विद्यार्थी की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी संबंधित पक्षों को गंभीरता से काम करना होगा। NEET Protest से जुड़े घटनाक्रम ने पूरे देश का ध्यान शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों की ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास बनाए रखना सभी संस्थाओं की साझा जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होकर दिवंगत छात्रों के प्रति सम्मान प्रकट करें। उन्होंने कहा कि समाज की एकजुटता ही पीड़ित परिवारों को मानसिक संबल देने का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकती है। Student Protest से जुड़े इस आयोजन को शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से संपन्न कराने की भी अपील की गई है, ताकि श्रद्धांजलि कार्यक्रम अपनी गरिमा बनाए रख सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए पारदर्शी तथा भरोसेमंद व्यवस्था आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की मेहनत और सपनों का सम्मान होना चाहिए तथा उन्हें न्यायपूर्ण वातावरण मिलना चाहिए। CM Statement में उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात दोहराई।
Tribute Program से जुड़े इस आयोजन को सामाजिक एकजुटता और मानवीय संवेदना का प्रतीक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कैंडल मार्च केवल श्रद्धांजलि का कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं के सपनों, उनके सम्मान और बेहतर भविष्य के प्रति समाज की सामूहिक प्रतिबद्धता का संदेश भी देगा। अंत में उन्होंने सभी नागरिकों से शांति, अनुशासन और गरिमा के साथ कार्यक्रम में भाग लेकर दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की।
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