Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी (HRTC) ड्राइवर और कंडक्टर यूनियन तथा राज्य सरकार के बीच हुई बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों के ₹100 करोड़ से अधिक के बकाया भत्ते लंबे समय से नहीं दिए गए हैं। इसी मांग को लेकर यूनियन ने बुधवार रात से चक्का जाम यानी हड़ताल करने का फैसला लिया है।
दूसरी ओर, राज्य सरकार ने जरूरी सेवाओं को जारी रखने के लिए ESMA (Essential Services Maintenance Act) लागू कर दिया है। इस कानून के लागू होने के बाद जरूरी सेवाओं में हड़ताल करने पर रोक रहती है। सरकार का कहना है कि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसलिए यह कदम उठाया गया है।
यूनियन का कहना है कि कई बार सरकार के सामने अपनी मांगें रखी गईं, लेकिन अब तक बकाया भत्तों का भुगतान नहीं हुआ। वहीं सरकार का कहना है कि कर्मचारियों से बातचीत जारी रहेगी और समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। इस बीच हड़ताल की घोषणा के बाद प्रदेश भर में HRTC बस सेवाओं को लेकर यात्रियों की चिंता बढ़ गई है। लोग अब सरकार और यूनियन के अगले फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
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