Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश के घुमारवीं क्षेत्र में चिट्टा और अन्य नशों के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए गए हैं। 43 पंचायतों ने मिलकर ज़ोन-वाइज Anti-Drug अभियान शुरू किया, जिसमें महिलाओं, युवाओं और सामाजिक संस्थाओं ने खुलकर भाग लिया। अभियान का उद्देश्य न केवल नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाना है, बल्कि प्रभावित परिवारों को सहारा देना और रिहैब सेंटरों को आधुनिक बनाना भी है। संस्कार सोसाइटी और संजीवनी समूह की पहल को लोगों ने सराहा और 7 जिलों में इसका समर्थन किया।
इस दौरान पुलिस की जवाबदेही और सप्लाई चेन पर कार्रवाई की भी योजना बनाई गई। ग्रामीणों ने खुलकर अपनी चिंताएं और अनुभव साझा किए, जिससे अभियान की ज़मीनी हकीकत सामने आई। युवा टीमें और महिला समूह स्कूल, पंचायत और गांवों में नशे के खतरों के बारे में जागरूकता फैला रहे हैं। इस व्यापक पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि हिमाचल को चिट्टा-मुक्त बनाना और भविष्य में नशा रोकने की रणनीति मजबूत करना संभव होगा। अभियान में शामिल सभी समूह और पंचायतें लगातार मिलकर नशे के खिलाफ संघर्ष और समाधान पर काम कर रही हैं।
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