Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के निकट स्थित पोआबो क्षेत्र में प्रकृति, पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने कमियाना हिल टॉप नेचर ट्रेल के पहले चरण का उद्घाटन किया। वन विभाग द्वारा विकसित इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य लोगों को प्रकृति के करीब लाना, पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित करना है।
करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई यह परियोजना लगभग आठ हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है। इसमें लगभग ढाई किलोमीटर लंबा प्राकृतिक मार्ग विकसित किया गया है, जहां पर्यटक प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते हुए हिमालयी क्षेत्र की जैविक और प्राकृतिक विविधता को करीब से देख सकेंगे। यह ट्रेल इस प्रकार तैयार की गई है कि बच्चे, बुजुर्ग और सभी आयु वर्ग के लोग आसानी से इसका आनंद उठा सकें।
कमियाना की पहाड़ी चोटी से आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है। यहां आने वाले पर्यटक दूर-दूर तक फैली हिमालय की पर्वत श्रृंखलाओं, घने जंगलों और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव कर सकेंगे। इस परियोजना का एक प्रमुख आकर्षण विशेष रूप से विकसित किया गया बोनसाई उद्यान भी है, जिसमें विभिन्न प्रजातियों के पौधों को आकर्षक रूप में संरक्षित किया गया है। इससे प्राकृतिक पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। सरकार गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक रूप से उगाई जाने वाली विभिन्न फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, जिससे हजारों किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों, ग्रामीण परिवारों और युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इसी सोच के तहत कृषि, बागवानी और दुग्ध उत्पादन से जुड़े लोगों को भी बेहतर मूल्य उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण विकास को नई गति देने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पर्यटन क्षेत्र के विस्तार से होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को भी लाभ होगा।
कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कमियाना नेचर ट्रेल क्षेत्र के लिए एक नई पहचान बनेगी। इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय लोगों के लिए आय के नए साधन विकसित होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना आने वाले समय में जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता के क्षेत्र में एक उदाहरण के रूप में स्थापित होगी।
सरकार का मानना है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलना समय की आवश्यकता है। कमियाना नेचर ट्रेल जैसी पहलें न केवल प्राकृतिक धरोहरों को संरक्षित करेंगी बल्कि पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी नई दिशा प्रदान करेंगी। इससे प्रदेश को हरित और टिकाऊ विकास के लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।
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