आईएसबीटी शिमला में खुले में शौच पर स्थानीय लोगों ने जताई चिंता, निगरानी बढ़ाने की मांग
आईएसबीटी शिमला में खुले में शौच पर स्थानीय लोगों ने जताई चिंता, निगरानी बढ़ाने की मांग

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Oct. 8, 2026 3:37 p.m. 111

शिमला। राजधानी शिमला के अंतरराज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी) परिसर के आसपास खुले में शौच का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बस अड्डे के आसपास कुछ लोगों द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर खुले में शौच किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

सार्वजनिक स्थल पर गंदगी से परेशानी

स्थानीय लोगों का कहना है कि आईएसबीटी शहर का महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं। ऐसे में परिसर के आसपास खुले में शौच किए जाने से गंदगी फैलने के साथ यात्रियों और आसपास रहने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई के साथ ऐसी गतिविधियों पर भी निगरानी जरूरी है, ताकि बस अड्डे के आसपास स्वच्छ वातावरण बना रहे।

सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था पर ध्यान देने की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि आईएसबीटी जैसे व्यस्त स्थान पर पर्याप्त और साफ-सुथरे सार्वजनिक शौचालय उपलब्ध होना जरूरी है, ताकि लोगों को खुले में शौच के लिए मजबूर न होना पड़े। इसके साथ ही सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई और उनकी उपलब्धता की निगरानी सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है।

Read Also : चंबा की सीमा को खास न्योता, 30 अक्टूबर को नीता अंबानी से होगी मुलाकात

जागरूकता के साथ नियमों का पालन जरूरी

स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखना प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की भी जिम्मेदारी है। खुले में शौच की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के साथ स्वच्छता नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। फिलहाल स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आईएसबीटी परिसर के आसपास स्वच्छता व्यवस्था बेहतर करने और खुले में शौच की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

#हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #Shimla News
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को राष्ट्रीय सम्मान, प्रदेश का नाम रोशन सिरमौर में 24 वर्षीय प्रधान का फैसला, शादी में फिजूलखर्ची पर 51 हजार जुर्माना मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रैंक, सराज का नाम किया रोशन 1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इतिहास बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक कचरा हटाया हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी किए निर्देश मणिमहेश यात्रा के पहले दिन 253 श्रद्धालु हुए रवाना, 20 सितंबर तक चलेगी यात्रा