पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय में सेना और नौसेना के 29 अधिकारियों का 16 सप्ताह का प्रशिक्षण पूरा
पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय में सेना और नौसेना के 29 अधिकारियों का 16 सप्ताह का प्रशिक्षण पूरा

Author : Rajesh Vyas

Oct. 9, 2026 4:34 p.m. 121

पालमपुर, 9 अक्तूबर: चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर में भारतीय सशस्त्र बलों के जूनियर कमीशंड अधिकारियों (JCO) और समकक्ष अधिकारियों के लिए आयोजित 16 सप्ताह का प्रशिक्षण पाठ्यक्रम संपन्न हो गया। कृषि वानिकी, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और बकरी पालन जैसे आजीविका से जुड़े विषयों पर आधारित इस कार्यक्रम में भारतीय सेना के 28 और भारतीय नौसेना के एक अधिकारी सहित कुल 29 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। यह प्रशिक्षण 22 जून, 2026 को शुरू हुआ था।

कृषि और स्वरोजगार से जुड़े विषयों पर दिया प्रशिक्षण

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सशस्त्र बलों के अधिकारियों को कृषि और इससे जुड़े व्यवसायों का ज्ञान देने के साथ व्यावहारिक कौशल विकसित करना था। पाठ्यक्रम में कृषि वानिकी, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और बकरी पालन जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया। ये क्षेत्र आजीविका के अवसर विकसित करने और स्वरोजगार की संभावनाओं को समझने में उपयोगी हो सकते हैं। 16 सप्ताह तक चले इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को संबंधित क्षेत्रों की जानकारी और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने पर ध्यान दिया गया। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए।

प्रो. जनार्दन सिंह ने वितरित किए प्रमाणपत्र

प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के समापन समारोह में विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार शिक्षा प्रो. जनार्दन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए। अपने संबोधन में प्रो. जनार्दन सिंह ने व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने के लिए निरंतर सीखने और कौशल विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान हासिल किए गए ज्ञान और व्यावहारिक कौशल का उपयोग अपने भविष्य के कार्यों में प्रभावी ढंग से करें। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत कार्मिकों की क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

विश्वविद्यालय के अधिकारी और विशेषज्ञ रहे मौजूद

समारोह में विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. विनोद शर्मा, छात्र कल्याण अधिकारी डॉ. जय देव और सह निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. सोनिया सूद उपस्थित रहे। इनके अलावा डॉ. बी. एन. सिन्हा, डॉ. सुमन कुमार, डॉ. लव भूषण और डॉ. बृज वनिता ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के आयोजन और प्रशिक्षण प्रक्रिया में विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों की भूमिका रही। समापन समारोह में प्रशिक्षण के दौरान किए गए प्रयासों और प्रतिभागियों की भागीदारी की सराहना की गई।

Read Also: पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के PSO रहे बलवंत पठानिया का निधन, फतेहपुर क्षेत्र में शोक की लहर

सेना और नौसेना के अधिकारियों ने साझा किए अनुभव

प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों ने कार्यक्रम से जुड़े अपने अनुभव और प्रतिक्रियाएं भी प्रस्तुत कीं। भारतीय सेना के सूबेदार जय करण, सूबेदार (मानद लेफ्टिनेंट) हिमाल पुन और भारतीय नौसेना के पेटी ऑफिसर मरीन इंजीनियरिंग (पीओ एमई) रजत धीमान ने प्रशिक्षण के संबंध में अपने विचार रखे। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम के अनुभव साझा किए। इस अवसर पर प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी और व्यावहारिक कौशल के महत्व पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।

आजीविका से जुड़े कौशल विकसित करना रहा उद्देश्य

विश्वविद्यालय में आयोजित इस 16 सप्ताह के पाठ्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को कृषि वानिकी, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और बकरी पालन जैसे क्षेत्रों में जानकारी और व्यावहारिक कौशल उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम के सफल समापन के साथ प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इस प्रशिक्षण के जरिए कृषि आधारित गतिविधियों और उनसे जुड़ी संभावनाओं की जानकारी देने का प्रयास किया गया। समापन अवसर पर प्रतिभागियों के साथ प्रशिक्षण में योगदान देने वाले विश्वविद्यालय के अधिकारियों और संकाय सदस्यों के प्रयासों की सराहना की गई।

#हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #कांगड़ा समाचार #Palampur
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को राष्ट्रीय सम्मान, प्रदेश का नाम रोशन सिरमौर में 24 वर्षीय प्रधान का फैसला, शादी में फिजूलखर्ची पर 51 हजार जुर्माना मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रैंक, सराज का नाम किया रोशन 1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इतिहास बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक कचरा हटाया हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी किए निर्देश मणिमहेश यात्रा के पहले दिन 253 श्रद्धालु हुए रवाना, 20 सितंबर तक चलेगी यात्रा