Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
बैजनाथ, 14 अक्टूबर। कुछ लोग अपनी जिंदगी में ऐसे रिश्ते बना जाते हैं, जो वक्त गुजरने के बाद भी लोगों के दिलों में जिंदा रहते हैं। उनका जाना केवल एक व्यक्ति का बिछड़ना नहीं, बल्कि उन यादों का हिस्सा खो देना होता है, जिनसे कभी बचपन की खुशियां जुड़ी होती हैं। बैजनाथ-पपरोला के खूह बाजार में दुकान चलाने वाले चेतन सूद भी ऐसी ही शख्सियत थे, जिन्हें लोग प्यार से ‘चेतन अंकल’ और ‘कॉमिक्स वाले चेतन भाई’ कहकर बुलाते थे। उनके निधन की खबर से इलाके में शोक का माहौल है।
चेतन सूद पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। देर रात उनके निधन की खबर सामने आई। उनके जाने से उन लोगों की पुरानी यादें ताजा हो गईं, जिन्होंने बचपन में उनकी दुकान पर समय बिताया था। पपरोला के कई लोगों के लिए चेतन सूद केवल दुकानदार नहीं, बल्कि उनके बचपन के दिनों से जुड़ा एक जाना-पहचाना चेहरा थे। उनकी दुकान से जुड़ी यादें आज भी उन लोगों के मन में बसी हैं, जो कभी बच्चे बनकर वहां पहुंचते थे और अब अपनी जिंदगी की जिम्मेदारियों में व्यस्त हैं।
करीब तीन दशक पहले का समय आज से काफी अलग था। मोबाइल फोन और इंटरनेट बच्चों के मनोरंजन का आम जरिया नहीं बने थे। उस दौर में रंग-बिरंगी कॉमिक्स पढ़ना, पसंदीदा किरदारों की कहानियों में खो जाना और वीडियो गेम पार्लर में दोस्तों के साथ समय बिताना बच्चों के लिए खास आकर्षण हुआ करता था। खूह बाजार में चेतन सूद की दुकान भी इसी दुनिया का हिस्सा थी। बच्चों के लिए वहां जाना केवल कॉमिक्स लेने या वीडियो गेम खेलने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह उनके बचपन की दिनचर्या और खुशियों से जुड़ा अनुभव था।
समय के साथ बच्चे बड़े हो गए। उनकी दुनिया बदल गई, जिम्मेदारियां बढ़ गईं और बचपन के कई साथी अलग-अलग रास्तों पर निकल गए। लेकिन पुराने दिनों की यादें अक्सर किसी परिचित जगह या चेहरे के साथ फिर सामने आ जाती हैं। किसी के लिए चेतन भाई कॉमिक्स की किताबों से जुड़ी यादों का नाम थे, तो किसी के लिए वीडियो गेम खेलने के रोमांच का। उनकी दुकान से जुड़ी ऐसी ही छोटी-छोटी यादें अब लोगों को भावुक कर रही हैं। यही वे पल हैं, जिनकी अहमियत का एहसास अक्सर समय बीतने के बाद होता है।
चेतन सूद का निधन बैजनाथ-पपरोला के उन लोगों के लिए भावनात्मक क्षति है, जिनका बचपन उनकी दुकान और वहां मिलने वाली मनोरंजन की दुनिया के साथ बीता। उनकी पहचान केवल ‘कॉमिक्स वाले चेतन भाई’ तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह एक ऐसे दौर की याद थे, जब बच्चों की खुशियां किताबों, दोस्तों और छोटे-छोटे अनुभवों में बसती थीं। आज जब उनके निधन की खबर लोगों तक पहुंची है, तो पुरानी यादें एक बार फिर ताजा हो रही हैं। चेतन सूद भले ही अब उनके बीच नहीं हैं, लेकिन उनके साथ जुड़ी बचपन की यादें उन लोगों के मन में हमेशा बनी रहेंगी, जिन्होंने कभी उनकी दुकान पर अपने सुनहरे दिन बिताए थे। चेतन भाई को श्रद्धांजलि। आपकी दुकान से जुड़ी यादें और बचपन की मुस्कानें हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगी।
हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को राष्ट्रीय सम्मान, प्रदेश का न...
हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को National Inspiration Award 2026 से सम्मानित किया गया। कला और संस्कृति
सिरमौर में 24 वर्षीय प्रधान का फैसला, शादी में फिजूलखर्ची पर...
सिरमौर की सखोली पंचायत ने शादी में फिजूलखर्ची रोकने के लिए नए नियम बनाए, उल्लंघन पर ₹51 हजार जुर्मान
मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रै...
मंडी की मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में ऑल इंडिया 65वीं रैंक हासिल कर सराज और हिमाचल का नाम रोशन कि
1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इ...
Hamirpur स्थापना दिवस पर जानें जिले का इतिहास, वीरभूमि की पहचान, कटोच वंश और 1 सितंबर 1972 को जिला ब
बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक ...
कुल्लू के बिजली महादेव मंदिर में Rotary Club और रोवर्स-रेंजर्स ने सफाई अभियान चलाया। करीब 2 क्विंटल
हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें न...
हिमाचल में Swine Flu के मामले बढ़े। जानें H1N1 Symptoms, बचाव, इलाज और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूर
नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी कि...
Nepal Flood के बीच हमीरपुर प्रशासन अलर्ट, नेपाल गए परिजनों से संपर्क न होने पर तुरंत अधिकारियों को स