सड़क हादसे में घायल की मदद करें, गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाने पर मिलेंगे 5000 रुपए
सड़क हादसे में घायल की मदद करें, गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाने पर मिलेंगे 5000 रुपए

Post by : Himachal Bureau

May 4, 2026 3:44 p.m. 114

देशभर में सड़क हादसों में घायल लोगों की समय पर मदद सुनिश्चित करने और आम नागरिकों को मानवता की इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए प्रोत्साहित करने हेतु सरकार ने एक बेहद अहम योजना लागू की है। अब यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल हुए इंसान को हादसे के बाद गोल्डन आवर यानी पहले एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाता है, तो उसे सरकार की ओर से 5000 रुपए का नकद इनाम दिया जाएगा। यह पहल न केवल लोगों को मदद के लिए प्रेरित करती है, बल्कि हजारों जिंदगियां बचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। गोल्डन आवर के दौरान घायल को चिकित्सा सुविधा मिलना जीवन और मृत्यु के बीच बड़ा अंतर साबित हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटा सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसी दौरान यदि घायल को सही समय पर अस्पताल पहुंचा दिया जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इसी सोच के तहत सरकार ने मददगार नागरिकों के लिए इनाम और कानूनी सुरक्षा दोनों सुनिश्चित की हैं। सड़क हादसा पीड़ित की सहायता करने वाले व्यक्ति को न तो पुलिस परेशान कर सकती है और न ही उस पर किसी प्रकार का सिविल या आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।

मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 की धारा 134 (ए) के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति घायल को अस्पताल पहुंचाता है, तो उसकी पहचान बताना भी अनिवार्य नहीं है। वह चाहे तो अपना नाम, पता या अन्य निजी जानकारी साझा करने से मना कर सकता है। इतना ही नहीं, अस्पताल ले जाते समय यदि परिस्थितिवश घायल की मौत हो जाए, तब भी मदद करने वाले व्यक्ति पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। गुड समैरिटन नियम आम लोगों को बिना डर मदद करने का अधिकार देता है।

इनाम प्राप्त करने की प्रक्रिया भी सरल रखी गई है। घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को पुलिस द्वारा एक एक्नॉलेजमेंट लेटर दिया जाएगा। इसके बाद जिला स्तर की समिति मामले की समीक्षा कर राज्य परिवहन विभाग को अनुशंसा भेजेगी और स्वीकृति मिलने पर सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। 5000 रुपए इनाम के साथ ऐसे मददगारों को प्रशंसा प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।

सरकार ने यह भी प्रावधान किया है कि वर्षभर में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शीर्ष दस मददगार नागरिकों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करते हुए एक-एक लाख रुपए तक का पुरस्कार दिया जा सकता है। घायल की मदद करने वाले ऐसे लोग समाज के वास्तविक नायक माने जाते हैं, जो संकट की घड़ी में मानवता को सर्वोपरि रखते हैं।

यह योजना केवल आर्थिक प्रोत्साहन नहीं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है। कानूनी सुरक्षा और सम्मान के साथ अब हर नागरिक बिना भय के सड़क हादसे के पीड़ितों की जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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