Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। भारी वर्षा के कारण जगह-जगह भूस्खलन, जलभराव और बादल फटने की घटनाएं सामने आईं। हिमाचल मौसम को लेकर मौसम विभाग ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रदेश के सात जिलों में 21 अगस्त तक भारी बारिश का यैलो अलर्ट जारी किया गया है।
सिरमौर जिले के नाहन क्षेत्र में बारिश के बाद हालात गंभीर हो गए। मातर स्थित एक सरकारी स्कूल के चारों ओर पानी जमा हो जाने से स्कूल परिसर टापू जैसा दिखाई देने लगा। स्कूल में मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन की ओर से बचाव अभियान चलाया गया। निचले इलाकों में भी पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क किया गया है। गिरि जाटों बांध से पानी छोड़े जाने के बाद आसपास के क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया। नाहन में मंगलवार को प्रदेश में सबसे अधिक 76 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
लगातार बारिश का असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा। सोलन जिले में कालका-शिमला रेल ट्रैक पर मलबा आने से रेल यातायात प्रभावित हुआ। शिमला से कालका की ओर जा रही ट्रेन को कोटी स्टेशन पर रोकना पड़ा। इसके अलावा चंडीगढ़-शिमला हाईवे पर भी आवाजाही बाधित रही और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
लाहौल-स्पीति जिले के चोखंग क्षेत्र में गौरी नाला के पास बादल फटने से करीब 400 मीटर सड़क बह गई। इससे चोखंग-नैनगाहर मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। अचानक आई बाढ़ और मलबे के कारण क्षेत्र में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। राजधानी शिमला में भी बारिश का असर देखने को मिला। कई स्थानों पर पेड़ गिरने, भूस्खलन होने और नालों का पानी घरों में घुसने की घटनाएं सामने आईं। प्रदेशभर में मंगलवार शाम तक 88 सड़कें बंद थीं, जिनमें अकेले मंडी जिले की 32 सड़कें शामिल थीं। इसके अलावा 12 बिजली ट्रांसफार्मर और 19 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित रहीं।
मौसम विभाग ने 19 से 21 अगस्त के बीच हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर में खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। ऐसे में हिमाचल बारिश और भारी बारिश अलर्ट के बीच लोगों से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और अन्य संवेदनशील स्थानों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।
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इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में बारिश, भूस्खलन और बादल फटने जैसी घटनाओं से अब तक एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने की जानकारी सामने आई है। इन घटनाओं में 197 लोगों की मौत हुई है, जबकि 313 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 85 मकान पूरी तरह नष्ट हुए हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों के आसपास नहीं जाने की सलाह दी है। हिमाचल प्रदेश मौसम अपडेट पर नजर रखना और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना इस समय बेहद जरूरी है।
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