स्वयं सहायता समूह से जोमैटो तक पहुंची पायल शर्मा की सफलता कहानी
स्वयं सहायता समूह से जोमैटो तक पहुंची पायल शर्मा की सफलता कहानी

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Aug. 5, 2026 2:50 p.m. 120

अगर मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो कोई भी व्यक्ति आत्मनिर्भर बनने का सपना पूरा कर सकता है। हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर की रहने वाली पायल शर्मा ने इसे सच साबित कर दिखाया है। उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपने छोटे से प्रयास को एक सफल व्यवसाय में बदल दिया है। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़ी पायल शर्मा आज न केवल अपनी पहचान बना चुकी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।

स्वयं सहायता समूह से मिली नई राह

सुंदरनगर नगर परिषद के वार्ड नंबर-5 बड़ोह निवासी पायल शर्मा वर्ष 2017 में मुरारी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी थीं। समूह के साथ जुड़ने के बाद उन्हें स्वरोजगार के नए अवसर मिले और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा। वर्तमान में पायल शर्मा स्वयं सहायता समूह की प्रधान होने के साथ-साथ एरिया लेवल फेडरेशन की अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। समूह की महिलाओं ने स्वच्छता अभियान में भी बेहतर योगदान दिया, जिसके लिए उन्हें दिल्ली में सम्मानित किया गया था। इस दौरान समूह को एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी प्राप्त हुई।

घर से शुरू किया काम, आज बना बड़ा व्यवसाय

पायल शर्मा ने अपने घर से सिड्डू और कचौरी बनाने का काम शुरू किया था। धीरे-धीरे मेहनत और सरकारी योजनाओं से मिली आर्थिक सहायता के सहारे उन्होंने अपना व्यवसाय बढ़ाया और आज Sharma Siddu Kachori Zone नाम से प्रतिष्ठान चला रही हैं। उनके प्रतिष्ठान में सिड्डू, कचौरी, बाबरू, मोमोज, परांठा, मैगी सहित कई तरह के नाश्ते और भोजन की सुविधा उपलब्ध है। खास बात यह है कि उनका व्यवसाय ऑनलाइन माध्यम से भी ग्राहकों तक पहुंच रहा है। उनका प्रतिष्ठान Zomato के जरिए भी ऑर्डर स्वीकार कर रहा है।

सरकारी सहायता से मिली आर्थिक मजबूती

पायल शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत उनके स्वयं सहायता समूह को 10 हजार रुपये का रिवॉल्विंग फंड मिला था। इसके अलावा उन्हें तीन लाख रुपये का बैंक ऋण और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली। इन योजनाओं की मदद से उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार किया और आज उनका प्रतिष्ठान सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।

हर महीने कमा रहीं 60 से 70 हजार रुपये

पायल शर्मा के अनुसार, वह अपने व्यवसाय से हर महीने लगभग 60 से 70 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने अपने प्रतिष्ठान में दो लोगों को रोजगार भी दिया है। व्यवसाय से होने वाली आय से वह अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा कर रही हैं। उनकी बेटी हमीरपुर स्थित डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में फूड टेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर रही हैं, जबकि बेटा सुंदरनगर के स्कूल में ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ रहा है।

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महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा

पायल शर्मा का कहना है कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का मजबूत माध्यम हैं। उन्होंने अन्य महिलाओं से भी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार शुरू करने की अपील की है। यह सफलता की कहानी Mandi News, Women Entrepreneur, Self Help Group, Business Success Story, Government Scheme और Himachal News से जुड़ी प्रेरणादायक खबर है। सुंदरनगर क्षेत्र में वर्ष 2016 से अब तक 114 स्वयं सहायता समूह बनाए जा चुके हैं, जिन्हें करोड़ों रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई गई है। इन योजनाओं की मदद से कई महिलाएं अपना व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन रही हैं और रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही हैं।

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