हिमाचल धरोहर संरक्षण पर केंद्र का बड़ा कदम, 40 स्मारकों पर खर्च
हिमाचल धरोहर संरक्षण पर केंद्र का बड़ा कदम, 40 स्मारकों पर खर्च

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Aug. 3, 2026 5:11 p.m. 127

हिमाचल प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय ने जानकारी दी है कि प्रदेश में राष्ट्रीय महत्व के घोषित 40 प्राचीन स्मारकों, पुरातात्विक स्थलों और अवशेषों का संरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा लगातार किया जा रहा है। मंत्रालय के अनुसार पिछले पांच वित्तीय वर्षों में इन ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, मरम्मत, रखरखाव, पर्यावरण विकास और पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के कार्यों पर लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इन कार्यों को राष्ट्रीय संरक्षण नीति के तहत पूरा किया जा रहा है, जिसमें बेहतर रास्ते, सूचना बोर्ड, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं का विकास शामिल है।

हिमाचल की विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने पर जोर

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि देश की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक स्थल केवल पुराने भवन या स्मारक नहीं हैं, बल्कि ये हमारी संस्कृति, परंपराओं और इतिहास की पहचान हैं। उन्होंने बताया कि इन धरोहरों के संरक्षण से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। हिमाचल प्रदेश की ऐतिहासिक संपदा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

हमीरपुर की नरबदेश्वर मंदिर और कटोच पैलेस भी सूची में शामिल

अनुराग ठाकुर ने कहा कि हमीरपुर जिले के लिए यह गौरव की बात है कि राष्ट्रीय महत्व के संरक्षित 40 स्मारकों में सुजानपुर स्थित प्रसिद्ध नरबदेश्वर मंदिर और टीहरा सुजानपुर का ऐतिहासिक कटोच पैलेस भी शामिल हैं। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य महत्वपूर्ण स्थल भी संरक्षण कार्यों के अंतर्गत आते हैं। इनमें बैजनाथ मंदिर, मसरूर के शैलकृत मंदिर, कांगड़ा किला, शिमला स्थित वाइस रीगल लॉज, स्पीति का ताबो बौद्ध मठ, मनाली का हिडिंबा देवी मंदिर और चंबा के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर समूह प्रमुख हैं।

एएसआई कर रहा नियमित संरक्षण और सुरक्षा कार्य

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा इन सभी ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा के लिए नियमित व्यवस्था की गई है। समय-समय पर विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी निरीक्षण किया जाता है और जरूरत के अनुसार संरक्षण कार्यों को वार्षिक योजना में शामिल किया जाता है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि Heritage Conservation, Himachal Pradesh News, Historical Places, Tourism Development, ASI Protection और Cultural Heritage जैसे क्षेत्रों में सरकार लगातार काम कर रही है।

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जनभागीदारी से मजबूत होगी विरासत संरक्षण की मुहिम

संस्कृति मंत्रालय ने बताया कि लोगों को ऐतिहासिक धरोहरों से जोड़ने के लिए विश्व धरोहर सप्ताह और विश्व पर्यटन दिवस जैसे अवसरों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें हेरिटेज वॉक, प्रदर्शनियां, जागरूकता कार्यक्रम और विशेषज्ञों के व्याख्यान शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य है कि स्थानीय लोग, विद्यार्थी और युवा भी धरोहर संरक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। जनसहभागिता से न केवल ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि हिमाचल प्रदेश में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी।

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