बिलासपुर में नशे के खिलाफ अभियान, सीएम सुक्खू का सख्त संदेश
बिलासपुर में नशे के खिलाफ अभियान, सीएम सुक्खू का सख्त संदेश

Post by : Himachal Bureau

Dec. 27, 2025 1:45 p.m. 3673

शिमला, धर्मशाला और हमीरपुर के बाद अब बिलासपुर में भी नशे के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बिलासपुर पहुंचकर साफ कहा कि हिमाचल प्रदेश में नशा कारोबार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू हो चुकी है और नशा माफिया को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि नशा माफिया की कमर तोड़ने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए और इसके परिणामों के आधार पर अगले जिले में एंटी-चित्ता वॉकथॉन की तारीख तय की जाएगी।

शुक्रवार को ठंडे मौसम और घनी धुंध के बावजूद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से करीब दो घंटे का सफर तय कर बिलासपुर पहुंचे। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे हुई। इस दौरान पुलिस बैंड के माध्यम से गीत-संगीत के जरिए लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया।

मुख्यमंत्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक बाल विद्यालय के खेल मैदान पहुंचे, जहां उन्होंने छात्र-छात्राओं और उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि नशा समाज के लिए एक बड़ा खतरा है और इसे खत्म करने के लिए सरकार, प्रशासन और आम जनता को मिलकर काम करना होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि यदि कोई व्यक्ति 112 नंबर पर चिट्टा सप्लायरों की जानकारी देता है तो उसे इनाम दिया जाएगा और उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने दोहराया कि प्रदेश में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। उन्होंने बताया कि 15 नवंबर को शिमला से एंटी-चित्ता वॉकथॉन की शुरुआत हुई थी, इसके बाद धर्मशाला और हमीरपुर में आयोजन किया गया और अब बिलासपुर में यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक के साथ बैठक में साफ निर्देश दिए गए हैं कि नशे से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई सरकारी कर्मचारी नशे के धंधे में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बिलासपुर जिले में नशा माफिया के खिलाफ की गई कार्रवाई और उसके नतीजों की समीक्षा की जाएगी। इसी के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले तीन महीनों में इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

एंटी-चित्ता वॉकथॉन में हजारों बच्चों और युवाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। मुख्यमंत्री ने राजकीय बाल विद्यालय से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली गुरुद्वारा चौक, रोड़ा सेक्टर होते हुए लुहणू मैदान में समाप्त हुई। पूरे रास्ते लोगों ने अभियान का समर्थन किया और नशे के खिलाफ एकजुट होने का संदेश दिया।

#हिमाचल प्रदेश #ताज़ा खबरें #भारत समाचार #भारतीय खबरें
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
सिरमौर के 8 खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में दिखाएंगे दमखम हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को राष्ट्रीय सम्मान, प्रदेश का नाम रोशन सिरमौर में 24 वर्षीय प्रधान का फैसला, शादी में फिजूलखर्ची पर 51 हजार जुर्माना मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रैंक, सराज का नाम किया रोशन 1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इतिहास बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक कचरा हटाया हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी किए निर्देश