Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हमीरपुर जिले के जोल सप्पड़ स्थित डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज के नए परिसर में अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास किया। इस परियोजना पर लगभग 35 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस नई सुविधा से गंभीर मरीजों को बेहतर और आधुनिक उपचार उपलब्ध होगा तथा क्षेत्र के लोगों को बड़े शहरों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज परिसर में निर्मित अस्पताल भवन, शैक्षणिक भवन और अन्य निर्माणाधीन ढांचों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरा करने और निर्माण गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विभागों को जल्द से जल्द नए परिसर में स्थानांतरित किया जाए ताकि लोगों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सके।
जुलाई से शुरू हो सकते हैं कई महत्वपूर्ण विभाग
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों का संचालन जुलाई के पहले सप्ताह से नए परिसर में शुरू करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। उन्होंने अधिकारियों को अस्पताल और शैक्षणिक भवनों को जल्द मेडिकल कॉलेज प्रशासन के हवाले करने के निर्देश दिए ताकि स्थानांतरण प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों और अधिकारियों के साथ बैठक कर मेडिकल कॉलेज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश के लोगों को अपने जिले और आसपास ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें। इसी सोच के तहत मेडिकल कॉलेजों को आधुनिक बनाया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेजों की प्रयोगशालाओं पर 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे
मुख्यमंत्री ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों की प्रयोगशालाओं को आधुनिक बनाने के लिए सरकार 150 करोड़ रुपये उपलब्ध कराएगी। इस राशि से नई तकनीक वाली मशीनें और आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इससे जांच सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और मरीजों को अधिक सटीक तथा तेज चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।
उन्होंने कहा कि कई संस्थानों में वर्षों पुराने उपकरण अब बदलने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज और कांगड़ा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज सहित अन्य संस्थानों में भी नवीनतम तकनीक से लैस उपकरण स्थापित किए जाएंगे। इससे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं दोनों को मजबूती मिलेगी।
डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल भवन और मशीनें पर्याप्त नहीं होतीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन भी जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार बड़े स्तर पर डॉक्टरों, प्रोफेसरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध होने से मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार मिलेगा। साथ ही मेडिकल छात्रों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त होगा। सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और मानव संसाधन दोनों को समान रूप से मजबूत करना है।
निर्माण कार्यों की प्रगति का लिया जायजा
कार्यक्रम के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और विभिन्न निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को चल रहे निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल और शैक्षणिक भवनों का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और कई हिस्से लगभग तैयार हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि किसी भी परियोजना में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य पारदर्शिता और तय मानकों के अनुसार पूरे किए जाएं ताकि आने वाले वर्षों में लोगों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।
Read Also: मंडी में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना, बेटे पर मां की हत्या का आरोप
स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि जोल सप्पड़ में विकसित हो रहा मेडिकल कॉलेज परिसर हमीरपुर और आसपास के जिलों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा केंद्र बन सकता है। आधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक, नई प्रयोगशालाएं, आधुनिक उपकरण और पर्याप्त स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता से मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा।
प्रदेश सरकार का यह प्रयास स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि सभी योजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले समय में हमीरपुर मेडिकल कॉलेज प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।
सिरमौर के 8 खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में दिखाएंगे दम...
सिरमौर के कोटड़ी व्यास स्कूल के 8 खिलाड़ियों का राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ। हैंडबॉल
हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को राष्ट्रीय सम्मान, प्रदेश का न...
हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को National Inspiration Award 2026 से सम्मानित किया गया। कला और संस्कृति
सिरमौर में 24 वर्षीय प्रधान का फैसला, शादी में फिजूलखर्ची पर...
सिरमौर की सखोली पंचायत ने शादी में फिजूलखर्ची रोकने के लिए नए नियम बनाए, उल्लंघन पर ₹51 हजार जुर्मान
मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रै...
मंडी की मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में ऑल इंडिया 65वीं रैंक हासिल कर सराज और हिमाचल का नाम रोशन कि
1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इ...
Hamirpur स्थापना दिवस पर जानें जिले का इतिहास, वीरभूमि की पहचान, कटोच वंश और 1 सितंबर 1972 को जिला ब
बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक ...
कुल्लू के बिजली महादेव मंदिर में Rotary Club और रोवर्स-रेंजर्स ने सफाई अभियान चलाया। करीब 2 क्विंटल
हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें न...
हिमाचल में Swine Flu के मामले बढ़े। जानें H1N1 Symptoms, बचाव, इलाज और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूर