टांडा अस्पताल लंगर विवाद: Langar Service पर सवाल

Post by : Himachal Bureau

कांगड़ा के टांडा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल में चल रही लंगर सेवा को लेकर एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में लंगर सेवा से जुड़े श्रद्धालु नरेंद्र शर्मा अपनी बात रखते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके तीमारदारों की सहायता के उद्देश्य से पिछले करीब आठ वर्षों से लगातार लंगर सेवा चलाई जा रही है। नरेंद्र शर्मा के अनुसार, इस सेवा का उद्देश्य किसी प्रकार का निजी लाभ कमाना नहीं है। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके साथ रहने वाले परिजनों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए श्रद्धालु अपनी ओर से यह सेवा करते हैं।

परमिशन को लेकर परेशानी का आरोप

वायरल वीडियो में नरेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया है कि लंगर सेवा के दौरान अनुमति को लेकर सुरक्षा गार्ड बार-बार परेशानी पैदा करते हैं। उनका कहना है कि सेवा से जुड़े लोगों को अस्पताल परिसर में सामान लाने, ले जाने या लंगर लगाने की प्रक्रिया में कथित तौर पर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सुरक्षा कर्मचारियों से अपील करते हुए कहा कि यदि वे लंगर सेवा में प्रत्यक्ष रूप से सहयोग नहीं कर सकते, तो कम से कम ऐसी स्थिति पैदा न की जाए जिससे मरीजों और उनके परिजनों के लिए चल रही सेवा प्रभावित हो।

मरीजों और तीमारदारों के लिए चलती है सेवा

टांडा अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं और कई मरीजों के साथ उनके परिवार के सदस्य भी लंबे समय तक अस्पताल में रहते हैं। ऐसे में भोजन की व्यवस्था कई परिवारों के लिए अतिरिक्त चिंता का विषय बन सकती है। इसी तरह की जरूरतों को देखते हुए श्रद्धालुओं द्वारा मरीजों के तीमारदारों के लिए लंगर चलाने की बात कही जा रही है। नरेंद्र शर्मा ने अपने बयान में सेवा को मानवता से जोड़ते हुए कहा कि इसका मकसद जरूरतमंद लोगों की मदद करना है।

अस्पताल प्रशासन का पक्ष आना बाकी

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप फिलहाल संबंधित व्यक्ति के बयान पर आधारित हैं। अस्पताल प्रशासन या संबंधित सुरक्षा एजेंसी की ओर से इस विवाद को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी होता है, वहीं मरीजों और उनके तीमारदारों को सहायता देने वाली सामाजिक सेवाओं के संचालन में स्पष्ट नियम और समन्वय होना भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में विवाद का समाधान दोनों पक्षों की बात सुनकर और अस्पताल के निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाना जरूरी है।

सेवा जारी रखने की अपील

नरेंद्र शर्मा ने अपने बयान के माध्यम से मांग की है कि लंबे समय से चल रही लंगर सेवा को अनावश्यक परेशानी के बिना जारी रखने में सहयोग किया जाए। अब देखना होगा कि इस मामले पर अस्पताल प्रबंधन क्या स्पष्टीकरण देता है और क्या लंगर सेवा के लिए अनुमति या संचालन को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था निर्धारित की जाती है।

टांडा अस्पताल में किस बात को लेकर विवाद है?

विवाद अस्पताल में चल रही लंगर सेवा और अनुमति को लेकर कथित परेशानियों से जुड़ा है।

लंगर सेवा कौन चला रहा है?

वायरल वीडियो में नरेंद्र शर्मा ने बताया है कि श्रद्धालुओं की ओर से लंबे समय से यह सेवा चलाई जा रही है।

लंगर सेवा का उद्देश्य क्या बताया गया है?

वीडियो में इसे मरीजों और उनके तीमारदारों की मदद के लिए चलाया जाना बताया गया है।

क्या सुरक्षा गार्डों पर लगाए गए आरोप साबित हुए हैं?

नहीं। फिलहाल ये आरोप वायरल वीडियो में संबंधित व्यक्ति द्वारा लगाए गए हैं। अस्पताल प्रशासन या सुरक्षा एजेंसी का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।

Sept. 7, 2026 5:40 p.m. 335
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