Post by : Himachal Bureau
गुजरात के सूरत में जनता के 21 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई पानी की टंकी पानी भरते ही टूट गई। यह टंकी 14 गांवों को पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई थी।
इस घटना ने निर्माण की quality, प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग और सरकारी जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो सामने आने के बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चा का विषय बन गया है।
Bharatiya Janata Party सरकार के विकास कार्यों को लेकर भी बहस तेज हो गई है। लोग सवाल कर रहे हैं कि करोड़ों रुपये जनता के tax money से खर्च होते हैं, तो ऐसे प्रोजेक्ट्स में जवाबदेही और निगरानी क्यों नहीं रखी जाती।
विशेषज्ञों का कहना है कि निर्माण की गुणवत्ता और समय पर निगरानी जरूरी है, ताकि जनता के पैसे का सही इस्तेमाल हो और भविष्य में इस तरह की समस्याएं न हों।
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