Post by : Himachal Bureau
सुन्नी-चाबा सड़क पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान लगातार मलबा सतलुज नदी में डाले जाने से स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बन गया है। लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान जो पत्थर, मिट्टी और अन्य मलबा नदी में डंप किया जा रहा है, वह आने वाले समय में बड़ी समस्या पैदा कर सकता है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार बरसात का मौसम शुरू होने पर यही मलबा नदी के बहाव को प्रभावित कर सकता है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा बढ़ सकता है। लोगों को डर है कि अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह स्थिति बड़े हादसे का कारण बन सकती है और आसपास के गांवों को भी नुकसान हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य के दौरान नदी में मलबा डालने पर तुरंत रोक लगाई जाए और सुरक्षित तरीके से मलबे का निपटान किया जाए। उनका कहना है कि विकास कार्य जरूरी है, लेकिन पर्यावरण और लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए। इस मामले को लेकर लोग लगातार अपनी चिंता व्यक्त कर रहे हैं और प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
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