Author : Gopal Dutt Sharma
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में शिरगुल महाराज की पावन जन्मस्थली शाया इन दिनों सामाजिक एकता का केंद्र बन गई है। यहां थानाधार निवासी देवा रविंद्र कंवर ने नौ अलग-अलग क्षेत्रों की देव प्रजा यानी ‘नौ तबीन’ के बीच बढ़ते मतभेदों को समाप्त करने की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू किया है।
देवा कंवर का कहना है कि सभी नौ तबीनों के आराध्य एक हैं, इसलिए समाज में विभाजन का कोई कारण नहीं होना चाहिए। वे महाराज दरबार से मार्गदर्शन और सभी तबीनों को एक सूत्र में जोड़ने का संदेश देने की मांग कर रहे हैं।
शाया में बन रहे भव्य मंदिर के निर्माण के बीच यह आंदोलन सामाजिक समरसता और धार्मिक एकता की नई उम्मीद बनकर उभरा है। विभिन्न क्षेत्रों से लोग अनशन स्थल पर पहुंचकर उनका समर्थन कर रहे हैं। वहीं, स्थानीय नागरिक अनशनकर्ता के स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें अनशन समाप्त करने की अपील भी कर रहे हैं।
इस आंदोलन से स्पष्ट होता है कि धार्मिक आस्थाओं और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने में जनभागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। शाया में यह पहल समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक मिसाल बन रही है।
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