Rajgarh News: Shri Devi Bhagwat Katha में आचार्य ने बलि का अर्थ बताया

Author : Gopal Dutt Sharma

राजगढ़ (सिरमौर) के ठौड़ निवाड़ पंचायत के ग्राम चौकी में श्रीमद् Devi Bhagwat Katha का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस पवित्र कथा में आचार्य Subhash Sharma ने बलि प्रथा का वास्तविक अर्थ और उद्देश्य समझाया। उन्होंने बताया कि सच्ची sacrifice किसी जीव की हत्या नहीं होती, बल्कि यह मनुष्य के भीतर के ego, क्रोध, लालच और नकारात्मक प्रवृत्तियों का त्याग करने का मार्ग है।

आचार्य ने सरल और जीवनोपयोगी उदाहरणों के माध्यम से यज्ञ के तीन प्रकार—सात्विक, राजसिक और तामसिक—को समझाया। उन्होंने कहा कि यज्ञ केवल धार्मिक कर्म नहीं है, बल्कि यह मन और जीवन को शुद्ध करने, मनुष्य को आत्मिक शांति और संतुलन प्रदान करने का एक शक्तिशाली साधन है।

इस कथा के दौरान आचार्य ने बलि और यज्ञ को केवल बाहरी क्रियाओं तक सीमित न रखकर, उन्हें आंतरिक wisdom और नैतिकता के विकास का माध्यम बताने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि जीवन में अहंकार, क्रोध और लोभ को नियंत्रित करना ही वास्तविक बलि है।

कथा के दौरान ग्रामीणों ने आचार्य के शब्दों को ध्यान से सुना और उनके सरल व्याख्यान से प्रेरित होकर अपने दैनिक जीवन में नैतिकता, संयम और आत्म-संयम के महत्व को समझने का प्रयास किया। आचार्य ने यह भी बताया कि धर्म और आस्था का उद्देश्य केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे विवेक और सही व्यवहार के साथ जोड़ना चाहिए।

इस आयोजन ने उपस्थित लोगों को धर्म, आस्था और जीवन में आत्म-शुद्धि के महत्व के बारे में जागरूक किया। स्थानीय लोगों ने आचार्य Subhash Sharma की सराहना करते हुए कहा कि उनके व्याख्यान ने बलि, यज्ञ और जीवन मूल्यों को सरल और प्रभावशाली ढंग से समझने में मदद की।

Feb. 27, 2026 5:58 p.m. 439
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