Author : Satish Kumar
औद्योगिक क्षेत्र पांवटा साहिब में कामगारों और उनके परिवारों से जुड़ी स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा एक बार फिर प्रमुखता से सामने आया। ESI Medical Facilities से संबंधित समस्याओं को लेकर आयोजित ईएसआई सुविधा समागम में कामगार नेताओं और उद्योगपतियों ने मौजूदा व्यवस्थाओं में सुधार की मांग उठाई। समागम के दौरान पांवटा साहिब में ईएसआई अस्पताल स्थापित करने, बद्दी में मेडिकल कॉलेज की सुविधा उपलब्ध करवाने और कामगारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि क्षेत्र में उद्योगों और श्रमिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनकी जरूरत के अनुसार चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पाया है।
कामगार नेताओं ने कहा कि पांवटा साहिब एक महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में श्रमिक विभिन्न उद्योगों में कार्यरत हैं। ऐसे में यहां ईएसआई अस्पताल का होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में श्रमिकों को इलाज के लिए दूर के अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है। ESI Hospital की सुविधा मिलने से कामगारों और उनके परिवारों को समय पर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
समागम में बद्दी में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रतिनिधियों का कहना था कि इससे औद्योगिक क्षेत्रों के लोगों को उच्च स्तर की चिकित्सा सेवाएं मिल सकती हैं। कामगार नेताओं और उद्योग प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों, जांच सुविधाओं और गंभीर मरीजों के उपचार की बेहतर व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता बताई।
समागम में सरकारी अस्पतालों से रेफर किए जाने वाले मरीजों के उपचार खर्च से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने मांग रखी कि रेफर किए गए मरीजों के चिकित्सा खर्च के लिए तैयार किए जाने वाले अनुमान में अनावश्यक कटौती नहीं की जानी चाहिए। इस मांग पर संयुक्त निदेशक ने सहमति जताई और कहा कि पात्र मरीजों के उपचार से संबंधित मामलों में उचित प्रक्रिया के तहत आवश्यक सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा। इससे कामगारों को इलाज के दौरान आर्थिक परेशानी कम होने की उम्मीद है।
बैठक में मृतक मजदूर रामरूप के आश्रितों को मिलने वाले हितलाभ और पेंशन में देरी का मुद्दा भी सामने आया। प्रतिनिधियों ने कहा कि परिवार को निर्धारित लाभ समय पर मिलना चाहिए, ताकि कमाने वाले सदस्य की मृत्यु के बाद आश्रितों को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े। ESI Pension से जुड़े इस मामले को तत्काल प्रभाव से देखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने संबंधित प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की दिशा में कार्रवाई करने की बात कही।
समागम में गुड़िया के उपचार से संबंधित मामला भी सामने रखा गया। बैठक में इस मामले का शीघ्र समाधान करने और आवश्यक चिकित्सकीय सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रतिनिधियों ने कहा कि ईएसआई व्यवस्था का उद्देश्य ही कामगारों और उनके परिवारों को बीमारी, दुर्घटना तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों में सुरक्षा देना है। इसलिए इलाज से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
समागम में मौजूद लोगों ने कहा कि ESI Healthcare को और प्रभावी बनाने के लिए अस्पतालों की संख्या बढ़ाने, विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध करवाने और रेफरल व्यवस्था को सरल करने की जरूरत है। कामगार नेताओं ने उम्मीद जताई कि समागम में उठाए गए मुद्दों पर विभाग जल्द कार्रवाई करेगा। पांवटा साहिब में ईएसआई अस्पताल और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की मांग को क्षेत्र के कामगारों की प्रमुख जरूरत बताया गया। समागम के दौरान उठे मुद्दों से यह स्पष्ट हुआ कि औद्योगिक क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करना समय की मांग है। कामगार संगठनों और उद्योग प्रतिनिधियों ने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि चिकित्सा सुविधाओं से जुड़े लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाएगा और श्रमिकों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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