Author : Sourabh Jain
हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ स्थित सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर स्थानीय नागरिकों में लगातार असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले अधिकांश मरीजों को शुरुआती जांच के बाद ही PGI Chandigarh या अन्य बड़े अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है। लोगों का कहना है कि यदि जिला स्तर के अस्पतालों में पर्याप्त संसाधन और विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं होंगे तो मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिलना मुश्किल हो जाएगा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों का उद्देश्य लोगों को उनके क्षेत्र में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि मामूली या सामान्य मामलों में भी मरीजों को बाहर भेजा जाएगा तो इससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
लोगों का कहना है कि मरीजों को बार-बार बड़े अस्पतालों में रेफर किए जाने से सबसे अधिक परेशानी गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को उठानी पड़ रही है। इलाज के लिए दूसरे शहरों तक यात्रा करने में समय, पैसा और मानसिक तनाव तीनों का सामना करना पड़ता है। कई परिवारों का कहना है कि मरीज को चंडीगढ़ या अन्य शहरों में ले जाने के लिए एम्बुलेंस, दवाइयों, रहने और खाने-पीने पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह स्थिति काफी कठिन हो जाती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल में कई बार विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी महसूस होती है। इसके अलावा आधुनिक चिकित्सा उपकरण, जांच मशीनें और अन्य जरूरी संसाधनों का भी अभाव बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो बड़ी संख्या में मरीजों का उपचार स्थानीय स्तर पर ही किया जा सकता है। नागरिकों का मानना है कि स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त चिकित्सकीय स्टाफ, आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाओं की आवश्यकता है, ताकि मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर रेफर न करना पड़े।
क्षेत्र के लोगों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि Health Services की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए। साथ ही अस्पताल में उपलब्ध डॉक्टरों, चिकित्सा उपकरणों, जांच सुविधाओं और अन्य संसाधनों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाए। लोगों का कहना है कि यदि कमियों को समय रहते दूर कर दिया जाए तो न केवल मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा, बल्कि बड़े अस्पतालों पर भी अनावश्यक दबाव कम होगा। उन्होंने अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति, आधुनिक मशीनों की उपलब्धता और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नालागढ़ क्षेत्र की आबादी लगातार बढ़ रही है, इसलिए यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का भी उसी अनुपात में विस्तार होना चाहिए। उनका मानना है कि मजबूत सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था से लोगों का भरोसा बढ़ेगा और मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सकेगा। फिलहाल लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और Nalagarh Hospital की व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार करते हुए आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
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