Nalagarh Bharat Spirit Protest: ग्रामीणों का प्रदर्शन

Author : Sourabh Jain

नालागढ़ क्षेत्र के महादेव में भारत स्पिरिट कंपनी के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन सामने आया है। स्थानीय लोगों ने कंपनी के संचालन को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री की गतिविधियों के कारण आसपास रहने वाले लोगों को धुएं, तेज आवाज, दुर्गंध, गंदे पानी और कचरे जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, कंपनी के आसपास रहने वाले लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। उनका आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाली कथित गंदगी और अन्य कारणों से इलाके के वातावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। लोगों ने आशंका जताई कि यदि इन समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में पर्यावरण प्रदूषण और स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताएं और बढ़ सकती हैं।

फैक्ट्री बंद करने की मांग

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने कंपनी की गतिविधियों को लेकर नाराजगी जताई और फैक्ट्री को बंद करने की मांग रखी। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय लोगों की शिकायतों पर उचित जांच और कार्रवाई होने तक उनका विरोध जारी रहेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चिंता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर उपमंडल अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करने और ग्रामीणों की शिकायतों का समाधान कराने की मांग की गई।

कंपनी प्रबंधन ने आरोपों को बताया निराधार

दूसरी ओर, भारत स्पिरिट कंपनी के मानव संसाधन अधिकारी सुखविंद्र ने ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि कंपनी फिलहाल परीक्षण के तौर पर संचालित की जा रही है और कंपनी की ओर से किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं फैलाया जा रहा है। कंपनी के अधिकारी के मुताबिक, मौजूदा समय में कुछ प्रक्रियाएं परीक्षण के स्तर पर हैं। उन्होंने बताया कि बिजली तैयार करने की प्रक्रिया के दौरान टरबाइन चलने से आवाज उत्पन्न होती है। हालांकि, कंपनी का नियमित संचालन शुरू होने के बाद इस आवाज की समस्या भी नहीं रहने की बात उन्होंने कही।

ग्रामीणों और कंपनी के दावों में अंतर

इस पूरे मामले में ग्रामीणों और कंपनी प्रबंधन के दावों में स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है। जहां ग्रामीण नालागढ़ प्रदूषण को लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं, वहीं कंपनी प्रबंधन का कहना है कि लगाए गए आरोप वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाते। ऐसे में स्थानीय प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। ग्रामीणों की शिकायतों और कंपनी के दावों की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति को स्पष्ट किया जा सकता है।

प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद

ग्रामीणों का कहना है कि उनका विरोध किसी व्यक्तिगत विवाद के बजाय क्षेत्र के लोगों और आसपास के वातावरण से जुड़ी समस्याओं को लेकर है। वे चाहते हैं कि प्रशासन कंपनी की गतिविधियों की जांच करे और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए। वहीं, कंपनी की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण के बाद अब प्रशासन के स्तर पर मामले की जांच और आगे की कार्रवाई पर लोगों की नजर है। फिलहाल महादेव क्षेत्र में फैक्ट्री विरोध प्रदर्शन के बाद मामला चर्चा में है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।

Sept. 9, 2026 4:29 p.m. 102
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