Author : Sourabh Jain
बिलासपुर। विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नैना देवी मंदिर में आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष के पावन गुप्त नवरात्रि श्रद्धा, आस्था और धार्मिक उल्लास के साथ प्रारंभ हो गए हैं। पहले ही दिन माता के दर्शन के लिए विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की।
गुप्त नवरात्रि के शुभारंभ के साथ ही श्री नैना देवी मंदिर में पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली सहित अन्य राज्यों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ दर्शन कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। कई श्रद्धालु परिवार सहित मंदिर पहुंचे, जबकि अनेक भक्तों ने व्रत रखकर विशेष पूजा-अर्चना भी की।श्रद्धालुओं का कहना था कि गुप्त नवरात्रि के दौरान माता के दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है और इस अवधि में सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य स्वीकार होती है।
गुप्त नवरात्रि के पहले दिन मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन, विशेष पूजा और भव्य आरती का आयोजन किया गया। पूरे मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों का वातावरण बना रहा। पुजारियों ने वैदिक परंपराओं के अनुसार माता की पूजा संपन्न कराई और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया।पूरे दिन भक्तों का मंदिर में आना-जाना लगातार जारी रहा। श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में नारियल, चुनरी, फूल-मालाएं और प्रसाद अर्पित कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। दर्शन के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था, सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम, पेयजल, चिकित्सा सहायता और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।इसके अलावा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम भी लगातार मंदिर परिसर में तैनात रही और व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रखी। श्रद्धालुओं को सुचारु और सुरक्षित तरीके से दर्शन कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
गुप्त नवरात्रि के आगामी दिनों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। मंदिर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं ताकि श्रद्धालुओं को सहज और सुरक्षित दर्शन कराए जा सकें।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुप्त नवरात्रि साधना, उपासना और देवी आराधना का विशेष पर्व माना जाता है। इन नौ दिनों में माता की आराधना करने से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी विश्वास के साथ देशभर से श्रद्धालु श्री नैना देवी धाम पहुंचकर माता के चरणों में शीश नवा रहे हैं।
मणिमहेश यात्रा 2026: पंजीकरण जरूरी, प्लास्टिक और तंबाकू पर र...
Manimahesh Yatra 2026 में श्रद्धालुओं के लिए Registration अनिवार्य, छोटे प्लास्टिक पैकेट और बोतलों प
मां आशापुरी मंदिर का इतिहास, पांडवों से जुड़ी हैं कई मान्यता...
Maa Ashapuri Temple: पांडव काल से जुड़ा मंदिर इतिहा
चंबा मिंजर मेला समापन समारोह में CM सुक्खू करेंगे अध्यक्षता,...
चंबा मिंजर मेला 2026 के समापन समारोह में CM Sukhu शामिल होंगे, मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन समेत कई विका