नालागढ़ भूस्खलन: सड़क बहाल, जल निकासी का काम जारी

Author : Sourabh Jain

सोलन जिले के नालागढ़ उपमंडल में कुम्हारहट्टी के पास नालागढ़-शिमला मार्ग पर हुए Nalagarh Landslide के बाद प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में राहत और सुरक्षा कार्य तेज कर दिए हैं। भूस्खलन के कारण बड़ी मात्रा में मलबा सड़क के आसपास फैल गया और इससे प्राकृतिक जल बहाव भी प्रभावित हुआ। उपमंडलाधिकारी नालागढ़ नरेंद्र अहलूवालिया ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मुख्य सड़क, मित्तियां संपर्क मार्ग और चिकनी खड्ड में बाधित हुए पानी के प्राकृतिक प्रवाह का निरीक्षण किया।

जल बहाव रुकने से बनी कृत्रिम झील जैसी स्थिति

भूस्खलन का मलबा जल बहाव के रास्ते में जमा होने से पानी आगे नहीं निकल पा रहा है। इसके कारण प्रभावित क्षेत्र में पानी का स्तर लगातार बढ़ने लगा और मौके पर कृत्रिम झील जैसी स्थिति बन गई। प्रशासन ने इस स्थिति को देखते हुए भारी मशीनरी लगाकर पानी की नियंत्रित और सुरक्षित निकासी का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य पानी को अचानक तेजी से बहने से रोकना है, ताकि Flash Flood जैसी संभावित स्थिति पैदा न हो।

नालागढ़-शिमला मार्ग छोटे वाहनों के लिए बहाल

प्रशासन के अनुसार Nalagarh Shimla Road को छोटे और सामान्य वाहनों की आवाजाही के लिए दुरुस्त कर दिया गया है। हालांकि सड़क पर अभी भी फिसलन और भूस्खलन से जुड़ा खतरा बना हुआ है। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे सड़क पर बेहद सावधानी से वाहन चलाएं। प्रशासन ने फिलहाल भारी वाहनों की आवाजाही से बचने की सलाह दी है, ताकि सड़क पर अतिरिक्त दबाव न पड़े और किसी तरह की दुर्घटना की संभावना कम हो।

रामशहर मार्ग पर भी रखी जा रही नजर

प्रभावित क्षेत्र Ramshahr Road से जुड़ा होने के कारण प्रशासन सड़क की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है। बारिश या दोबारा मलबा आने की स्थिति में यातायात प्रभावित हो सकता है। अधिकारियों ने स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए जरूरी मशीनरी और कर्मचारियों को तैयार रखने पर जोर दिया है।

प्रभावित निजी भूमि का तैयार होगा रिकॉर्ड

जलभराव के कारण जिन लोगों की निजी भूमि प्रभावित हुई है, उनका विवरण भी तैयार किया जा रहा है। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित भूमि का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस विवरण के आधार पर पात्र प्रभावित लोगों को नियमानुसार राहत और सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की

अधिकारियों ने स्थानीय लोगों और वाहन चालकों से स्थिति सामान्य होने तक सतर्क रहने की अपील की है। खासकर जलभराव वाले क्षेत्र और भूस्खलन प्रभावित हिस्सों के पास अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि पानी की निकासी और सड़क की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी अचानक बदलाव की स्थिति में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

नालागढ़ में भूस्खलन के बाद क्या हुआ?

कुम्हारहट्टी के पास भूस्खलन के कारण मलबा जल बहाव के रास्ते में जमा हो गया। इससे पानी रुकने लगा और क्षेत्र में कृत्रिम झील जैसी स्थिति बन गई।

क्या नालागढ़-शिमला सड़क खुल गई है?

हां, छोटे और सामान्य वाहनों के लिए सड़क को दुरुस्त कर दिया गया है। हालांकि फिसलन को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

प्रशासन पानी की निकासी क्यों कर रहा है?

पानी का स्तर बढ़ने से अचानक तेज बहाव या Flash Flood जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा है। इसी वजह से पानी को नियंत्रित तरीके से बाहर निकाला जा रहा है।

Sept. 8, 2026 2:54 p.m. 104
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