Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र लाहौल में भारी बारिश के बाद स्थिति चिंताजनक हो गई है। बारिश के कारण Jhalma Nallah ने अचानक विकराल रूप धारण कर लिया। नाले में तेज बहाव के साथ पानी और बड़ी मात्रा में मलबा बहता नजर आया, जिससे आसपास के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। तेज बहाव के कारण नाले का स्वरूप बेहद खतरनाक दिखाई दे रहा है। पानी के साथ बहकर आ रहा मलबा इसे एक तरह से सीमेंट की नदी जैसा रूप दे रहा है। इस दौरान नाले का बहाव देखकर स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल बना हुआ है।
भारी बारिश के बाद Lahaul Weather का असर क्षेत्र में साफ दिखाई दे रहा है। जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले मलबे के कारण नाले का बहाव काफी तेज हो गया है। नाले में पानी के साथ पत्थर, मिट्टी और अन्य मलबा बहकर नीचे की ओर आ रहा है। तेज बहाव के कारण नाले का दृश्य बेहद भयावह नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश बढ़ने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह समस्या नई नहीं है। Jhalma Nallah से जुड़ी परेशानी लंबे समय से क्षेत्र के लोगों के सामने बनी हुई है। बारिश के मौसम में नाले में अचानक पानी और मलबे का बहाव बढ़ जाता है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को हर बार चिंता का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान अभी तक नहीं हो पाया है। हर वर्ष बारिश के दौरान नाले का उफान चिंता का कारण बनता है और इसके आसपास रहने वाले लोगों को संभावित नुकसान का डर बना रहता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नाले का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल बारिश के समय अस्थायी इंतजाम करने के बजाय ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए, जिससे भविष्य में तेज बारिश के दौरान पानी और मलबे के बहाव से खतरा कम किया जा सके। लोगों ने संबंधित विभागों से क्षेत्र का निरीक्षण कर समस्या का स्थायी समाधान निकालने की अपील की है। उनका मानना है कि समय रहते उचित कदम उठाए जाने से भविष्य में होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।
Himachal Weather के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक नालों का जलस्तर बढ़ना आम तौर पर गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। ऐसे में स्थानीय लोगों को नालों और तेज बहाव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखने की जरूरत है। लाहौल में भारी बारिश के बाद सामने आई यह तस्वीर क्षेत्र में मौसम की गंभीरता को दर्शाती है। स्थानीय लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन इस पुरानी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाएगा।
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