Post by : Himachal Bureau
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने गठन से लेकर अब तक मौसम पूर्वानुमान को बेहतर बनाने के लिए लगातार आधुनिक तकनीकों को अपनाया है। समय के साथ विभाग ने मौसम से जुड़ी जानकारी को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
1960 और 70 के दशक में IMD ने रडार तकनीक को अपनाया, जिससे मौसम की गतिविधियों को बेहतर तरीके से ट्रैक किया जाने लगा। इसके बाद 70 और 80 के दशक में सैटेलाइट सिस्टम को शामिल किया गया, जिससे मौसम की निगरानी और विश्लेषण में काफी सुधार आया। आगे चलकर Numerical Weather Prediction मॉडल को भी सफलतापूर्वक लागू किया गया।
हाल के वर्षों में IMD ने अपना इन-हाउस डिसीजन सपोर्ट सिस्टम विकसित किया है। इस सिस्टम को भारत सरकार द्वारा सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। यह प्रणाली मौसम संबंधी निर्णय लेने और जानकारी को तेजी से प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
अब IMD भविष्य की तकनीकों की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। विभाग Artificial Intelligence (AI) और Machine Learning (ML) जैसी आधुनिक तकनीकों पर काम कर रहा है, जिन्हें जल्द ही ऑपरेशनल स्तर पर लागू करने की योजना है। इससे मौसम पूर्वानुमान और अधिक सटीक तथा प्रभावी होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नई तकनीकों के उपयोग से मौसम से जुड़ी चेतावनियां और जानकारी पहले से ज्यादा भरोसेमंद बनेंगी। इससे आपदा प्रबंधन, कृषि और आम नागरिकों को समय पर सही जानकारी मिल सकेगी और संभावित जोखिमों से बचाव आसान होगा।
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