Hamirpur News: बच्ची के सवाल पर CM Sukhu का जवाब

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

हमीरपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेल में विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान पढ़ाई, शिक्षा व्यवस्था, भविष्य की योजनाओं और स्कूल से जुड़ी सुविधाओं को लेकर छात्रों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी बातें रखीं। इसी बातचीत के दौरान एक छात्रा ने प्रदेश में स्वच्छता व्यवस्था और साफ-सफाई को लेकर मुख्यमंत्री से सीधा सवाल पूछा। छात्रा ने सवाल उठाते हुए पूछा कि समाज में सफाई से जुड़े काम को कई बार कमतर क्यों समझा जाता है और हिमाचल प्रदेश को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। छात्रा ने बताया कि उसकी बहन सरकारी एक्सपोजर विजिट के तहत कजाकिस्तान गई थी, जहां उसने वहां की बेहतर सफाई और स्वच्छता व्यवस्था को देखा था। छात्रा ने कहा कि हिमाचल को भी स्वच्छ और हरा-भरा बनाए रखने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने स्वच्छता को लेकर क्या कहा?

छात्रा के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि स्वच्छता को केवल किसी एक विभाग या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं माना जाना चाहिए। इसे लोगों का आंदोलन बनाने की जरूरत है। उन्होंने महात्मा गांधी द्वारा स्वच्छता को दिए गए महत्व का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल अपने घर को साफ रखना पर्याप्त नहीं है। आसपास के क्षेत्र, गली-मोहल्ले और सार्वजनिक स्थानों की सफाई का भी ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों के माध्यम से समाज में स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। इस दौरान छात्रा का सवाल सीधे तौर पर Cleanliness और समाज की जिम्मेदारी से जुड़ा था। मुख्यमंत्री के जवाब का मुख्य संदेश यही रहा कि स्वच्छता तभी प्रभावी तरीके से कायम रह सकती है, जब लोग इसे अपनी जिम्मेदारी समझकर सामूहिक रूप से आगे बढ़ाएं।

कजाकिस्तान का उदाहरण देकर छात्रा ने उठाया सवाल

बातचीत के दौरान छात्रा ने कजाकिस्तान का उदाहरण देते हुए वहां देखी गई साफ-सफाई व्यवस्था का जिक्र किया। उसने कहा कि अगर दूसरे देशों में सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता को लेकर गंभीरता दिखाई जा सकती है, तो हिमाचल प्रदेश को भी इस दिशा में और बेहतर प्रयास करने चाहिए। हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों के लिए जाना जाता है। ऐसे में Himachal Pradesh Cleanliness को लेकर जागरूकता स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। मुख्यमंत्री ने छात्रा की बात सुनने के बाद स्वच्छता को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया। उनका कहना था कि साफ-सफाई की शुरुआत घर से होती है, लेकिन इसे आसपास के पूरे क्षेत्र तक ले जाना भी जरूरी है।

शिक्षा को लेकर भी विद्यार्थियों से हुई बातचीत

मुख्यमंत्री के स्कूल दौरे के दौरान केवल स्वच्छता का मुद्दा ही नहीं उठा। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, करियर और शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे बदलावों के बारे में भी बातचीत की। विद्यालय में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किए जाने के बाद छात्रों से उसका अनुभव भी पूछा गया। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें नया पाठ्यक्रम रुचिकर लग रहा है और उनका मानना है कि इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद मिल सकती है। छात्रों ने यह भी कहा कि इससे उन्हें भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी।

NEET पेपर लीक का मुद्दा भी उठा

मुख्यमंत्री के साथ बातचीत के दौरान एक विद्यार्थी ने नीट प्रश्नपत्र लीक होने का मुद्दा भी उठाया। छात्र ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से मेहनत करने वाले विद्यार्थियों पर मानसिक दबाव और परेशानी बढ़ती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की उम्मीदें प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी होती हैं और प्रश्नपत्र लीक होने से मेहनत करने वाले युवाओं को नुकसान पहुंचता है। मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश में पहले सामने आए प्रश्नपत्र लीक और बिक्री से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे मामलों में जांच कराई और कार्रवाई की। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में चयन प्रक्रिया योग्यता के आधार पर राजकीय चयन आयोग के माध्यम से आगे बढ़ाई जा रही है।

छात्राओं ने बस सेवा और स्कूल की सुविधाओं की बात भी रखी

स्कूल में बातचीत के दौरान एक छात्रा ने रांगस से विद्यालय तक बस सेवा शुरू करने की मांग भी मुख्यमंत्री के सामने रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्था की जा रही है। वहीं, एक प्राथमिक कक्षा के विद्यार्थी ने स्कूल की क्षतिग्रस्त सीढ़ियों की समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सीढ़ियों की मरम्मत जल्द करवाने के निर्देश दिए। इस पूरे संवाद में विद्यार्थियों ने पढ़ाई से लेकर स्वच्छता, परिवहन और स्कूल की बुनियादी सुविधाओं तक कई मुद्दे मुख्यमंत्री के सामने रखे। मुख्यमंत्री ने भी विद्यार्थियों की बात सुनी और संबंधित विषयों पर अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

बच्ची का सवाल क्यों रहा खास?

हमीरपुर के स्कूल में हुआ यह संवाद इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि एक छात्रा ने स्वच्छता को केवल सरकारी व्यवस्था का विषय मानने के बजाय समाज की सोच और जिम्मेदारी से जोड़कर सवाल किया। मुख्यमंत्री के जवाब में भी इसी बात पर जोर दिया गया कि Swachh Himachal का लक्ष्य केवल सरकारी अभियानों से पूरा नहीं हो सकता। इसमें आम लोगों, विद्यार्थियों, परिवारों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी जरूरी है। स्कूल में हुई इस बातचीत ने विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं और विचार सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखने का अवसर भी दिया। शिक्षा से जुड़े विषयों के साथ स्थानीय सुविधाओं और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े सवालों पर भी चर्चा हुई।

Sept. 18, 2026 6:13 p.m. 104
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