Delhi-Leh Bus Service: एचआरटीसी सेवा पर बड़ा अपडेट

Post by : Himachal Bureau

दिल्ली से लेह जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों के लिए मौसम और सड़क की स्थिति से जुड़ा महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। हिमालयी क्षेत्र में सितंबर के दौरान मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान गिरने के साथ कई स्थानों पर बर्फबारी भी शुरू हो गई है। ऐसे हालात का सीधा असर दिल्ली से लेह के बीच चलने वाली लंबी दूरी की बस सेवा पर पड़ सकता है। हिमाचल पथ परिवहन निगम की यह बस सेवा दिल्ली से चंडीगढ़, मनाली, केलांग और आगे लेह तक कठिन पहाड़ी मार्ग से होकर गुजरती है। इस पूरे रास्ते में कई ऊंचे दर्रे आते हैं, जहां मौसम सामान्य मैदानी क्षेत्रों की तुलना में तेजी से बदलता है। इसी कारण सितंबर के अंत में इस मार्ग पर सार्वजनिक परिवहन को मौसम और सड़क की स्थिति के आधार पर संचालित किया जाता है। लद्दाख प्रशासन की जानकारी के अनुसार मनाली-लेह मार्ग सामान्य तौर पर मई-जून से सितंबर-अक्टूबर तक ही यातायात के लिए अनुकूल रहता है।

18 सितंबर के बाद सेवा को लेकर यात्रियों की चिंता

दिल्ली-लेह मार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों के बीच 18 सितंबर के बाद बस सेवा को लेकर चर्चा बढ़ गई है। हालांकि उपलब्ध आधिकारिक ऑनलाइन जानकारी में 18 सितंबर के बाद सेवा बंद करने की स्पष्ट घोषणा नहीं मिली है, लेकिन इस समय मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए यात्रा कार्यक्रम में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पिछले वर्षों में भी सितंबर के बाद बर्फबारी, बारिश और ऊंचे दर्रों पर खराब मौसम के कारण इस बस सेवा को मौसमी रूप से बंद किया गया है। वर्ष 2025 में भी लेह-केलांग-दिल्ली सेवा मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण बंद कर दी गई थी और अगले सत्र में इसे फिर शुरू किया गया था।

ऊंचाई वाले रास्तों पर मौसम बना सकता है परेशानी

दिल्ली से लेह का सफर सामान्य बस यात्रा से काफी अलग है। मार्ग में मनाली, केलांग और कई बेहद ऊंचे पहाड़ी दर्रे आते हैं। इन क्षेत्रों में अचानक बर्फबारी, तेज हवाएं, कम दृश्यता और सड़क पर बर्फ जमने जैसी परिस्थितियां सामने आ सकती हैं। विशेष रूप से Manali Leh Highway पर मौसम की स्थिति यात्रा को प्रभावित कर सकती है। लेह जिला प्रशासन भी अपनी यात्रा संबंधी जानकारी में मनाली-लेह मार्ग को मौसमी मार्ग के रूप में बताता है।

लेह में गिरा तापमान, मौसम पर नजर

भारत मौसम विज्ञान विभाग के 18 सितंबर के आंकड़ों के अनुसार लेह में न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 7 डिग्री कम था। इससे यह स्पष्ट है कि ऊंचाई वाले क्षेत्र में रात के समय ठंड काफी बढ़ चुकी है। हालांकि लेह शहर के लिए उपलब्ध पूर्वानुमान में 18 सितंबर को मुख्य रूप से साफ मौसम का अनुमान दिया गया था, लेकिन दिल्ली से लेह जाने वाला पूरा मार्ग कई अलग-अलग ऊंचाई वाले क्षेत्रों से होकर गुजरता है। इसलिए केवल लेह शहर के मौसम के आधार पर पूरे मार्ग की स्थिति का अंदाजा लगाना उचित नहीं होगा।

यात्रियों को टिकट से पहले क्या जांचना चाहिए

जो यात्री Delhi-Leh Bus Service या HRTC Delhi Leh Bus से सफर करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें रवाना होने से पहले बस की वास्तविक स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए। केवल टिकट उपलब्ध होने को यात्रा पूरी तरह सुरक्षित या निर्धारित समय पर होने की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए। यात्रियों को बस के संचालन, प्रस्थान समय, मार्ग की स्थिति और मौसम से संबंधित ताजा जानकारी संबंधित परिवहन अधिकारियों से जांचनी चाहिए। यदि रास्ते में बर्फबारी या सड़क बंद होने की स्थिति बनती है तो बस का समय बदल सकता है या सेवा अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है।

दिल्ली से लेह जाने वालों के लिए जरूरी सावधानी

दिल्ली से लेह का सड़क मार्ग लंबा होने के साथ-साथ बेहद ऊंचाई वाले क्षेत्रों से होकर गुजरता है। इसलिए यात्रा के दौरान मौसम में अचानक बदलाव की संभावना को ध्यान में रखना जरूरी है। खासकर सितंबर के दूसरे हिस्से में ठंड बढ़ने और ऊंचाई वाले दर्रों पर बर्फबारी की स्थिति बन सकती है। लद्दाख प्रशासन के अनुसार लेह तक पहुंचने के लिए मनाली-लेह मार्ग के अलावा श्रीनगर-लेह सड़क मार्ग भी प्रमुख विकल्प है। दोनों मार्गों की स्थिति मौसम और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है।

बस सेवा शुरू होने से लेकर मौसमी बंदी तक का सफर

एचआरटीसी ने 2026 के लिए दिल्ली-केलांग-लेह सेवा मई के अंत में फिर शुरू की थी। उस समय लाहौल-स्पीति प्रशासन द्वारा केलांग-लेह मार्ग को सभी प्रकार के वाहनों के लिए खोलने के बाद सेवा बहाल की गई थी। यह मार्ग करीब 990 किलोमीटर लंबा बताया गया था। यह सेवा पर्यटकों के साथ स्थानीय यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। लेकिन यह मार्ग पूरे वर्ष सामान्य रूप से संचालित नहीं होता। सर्दियों में भारी बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के कारण ऊंचे दर्रे बंद हो जाते हैं और सड़क परिवहन प्रभावित होता है।

Sept. 18, 2026 6:28 p.m. 105
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