Author : Gopal Dutt Sharma
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के राजगढ़ क्षेत्र में भगवान शिरगुल महाराज की तीन दिवसीय पवित्र चूड़धार जातर श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह के साथ संपन्न हो गई। इस ऐतिहासिक यात्रा में नौ तबीन क्षेत्र और आसपास के कई गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। सभी श्रद्धालुओं ने लगभग 40 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा पूरी कर वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा का पालन किया। यात्रा के दौरान पूरे रास्ते में भगवान शिरगुल महाराज के जयकारे गूंजते रहे और भक्त भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ते रहे।
चूड़धार पहुंचने के बाद वैदिक मंत्रों के बीच भगवान शिरगुल महाराज का पवित्र स्नान कराया गया। इस दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर भगवान से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। यात्रा के दौरान शिरगुल गाथा का गायन भी किया गया, जिससे पूरा वातावरण धार्मिक आस्था से भर गया।
चूड़धार जातर केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह हिमाचल प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक एकता का भी महत्वपूर्ण प्रतीक है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होकर अपनी आस्था प्रकट करते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पवित्र यात्रा में शामिल होने और भगवान शिरगुल महाराज के दर्शन करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का आशीर्वाद मिलता है।
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