Post by : Himachal Bureau
चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में भारी बारिश के बीच Cloudburst की घटना से अचानक अफरा-तफरी मच गई। भरमौर के 84 चला इलाके में बादल फटने के बाद पानी का बहाव इतनी तेजी से बढ़ा कि रास्ते में मौजूद लोहे का पुल तेज धार की चपेट में आकर बह गया। इसके साथ ही पैदल आवाजाही के लिए इस्तेमाल होने वाला रास्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया। अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा के कारण इलाके में कुछ समय के लिए लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई। तेज बहाव और टूटे रास्ते के कारण खुंडी वाली माता मंदिर की ओर जा रहे श्रद्धालु दूसरी तरफ फंस गए।
जानकारी के अनुसार, करीब 50 श्रद्धालु Khundi Wali Mata Temple में दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान अचानक पानी का बहाव बढ़ गया और रास्ते का संपर्क टूट गया। पुल बह जाने के बाद श्रद्धालुओं के सामने सुरक्षित वापस लौटने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। तेज पानी के कारण मौके पर स्थिति काफी जोखिम भरी बनी हुई थी। ऐसे में स्थानीय लोगों ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने का प्रयास शुरू किया।
पुल के बह जाने के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल व्यवस्था करते हुए लकड़ी की मदद से एक अस्थायी पुलिया तैयार की। इसी अस्थायी रास्ते के जरिए एक-एक करके फंसे हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाया गया। स्थानीय लोगों की इस तत्परता से बड़ा हादसा होने से टल गया। सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
Himachal Weather में लगातार बदलाव और पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय लोगों तथा श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने की जरूरत है। Heavy Rain के दौरान नदी-नालों, खड्डों और अस्थायी पुलों के आसपास जाने से बचना बेहद जरूरी है। भरमौर जैसे पहाड़ी इलाकों में Cloudburst के बाद पानी का बहाव कुछ ही मिनटों में खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों द्वारा समय रहते उठाए गए कदम महत्वपूर्ण साबित होते हैं। फिलहाल इस घटना में किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। पुल और पैदल मार्ग को हुए नुकसान के कारण स्थानीय आवाजाही प्रभावित हुई है।
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