भेरड़ा पंचायत घर में शराब विवाद, Police जांच शुरू

Post by : Himachal Bureau

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के सुजानपुर विकासखंड के तहत आने वाली भेरड़ा पंचायत में पंचायत घर को लेकर विवाद सामने आया है। छुट्टी के दिन पंचायत घर में कुछ लोगों की मौजूदगी और वहां शराब पीने के आरोपों के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया। इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय स्तर पर भी चर्चा पैदा कर दी है। भेरड़ा पंचायत की प्रधान अनु देवी ने मामले की शिकायत सुजानपुर पुलिस से की है। शिकायत के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए और मामले की जांच शुरू कर दी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर संबंधित लोगों का चिकित्सकीय परीक्षण भी करवाया है।

पंचायत घर में चार लोगों की मौजूदगी पर उठे सवाल

मामला उस समय सामने आया जब छुट्टी के दिन पंचायत घर में चार लोगों की मौजूदगी की जानकारी पंचायत प्रधान को मिली। प्रधान के अनुसार, जब वह मौके पर पहुंचीं तो पंचायत कार्यालय में मौजूद लोगों को देखकर उन्होंने आपत्ति जताई। उन्होंने वहां मौजूद लोगों से छुट्टी के दिन पंचायत घर में आने और बैठने का कारण पूछा। बताया गया कि इस दौरान बातचीत बढ़ने के बाद मौके पर विवाद की स्थिति बन गई। प्रधान की शिकायत में पंचायत कार्यालय में शराब पीने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर ही होगी।

फ्रिज में मिले बीयर के कैन से बढ़ा विवाद

शिकायत के अनुसार, पंचायत घर में रखे फ्रिज की जांच के दौरान बीयर के दो कैन मिलने की बात सामने आई। इसके बाद मामला और गंभीर हो गया और पंचायत प्रधान ने इसकी सूचना पुलिस को दी। बीयर के कैन पंचायत भवन तक कैसे पहुंचे और उनका इस्तेमाल किसने किया, यह भी जांच का हिस्सा हो सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करने में जुटी है। यह मामला अब पंचायत घर विवाद के साथ-साथ शराब पीने के लगाए गए आरोपों के कारण भी चर्चा में है।

पुलिस ने दर्ज की शिकायत और शुरू की जांच

शिकायत मिलने के बाद सुजानपुर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों से जानकारी ली और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। पुलिस के अनुसार, पंचायत प्रधान की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। संबंधित चार लोगों का चिकित्सकीय परीक्षण करवाया गया है और मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे साफ है कि अभी मामला जांच के चरण में है और किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों का सामने आना जरूरी होगा।

ग्रामीणों ने भी उठाई कार्रवाई की मांग

घटना के बाद भेरड़ा पंचायत प्रधान की अगुवाई में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मामले को लेकर शिकायत पत्र सौंपा और संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन सार्वजनिक कामकाज और ग्रामीणों से जुड़े प्रशासनिक कार्यों के लिए होता है। ऐसे स्थान पर किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि को लेकर शिकायत सामने आने पर प्रशासन को मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।

पंचायत कार्यालय के इस्तेमाल को लेकर सवाल

इस घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि छुट्टी के दिन पंचायत कार्यालय में लोगों की मौजूदगी किस उद्देश्य से थी। यदि किसी सरकारी या पंचायत भवन में बैठक या आधिकारिक कार्य किया जा रहा था, तो उसके लिए संबंधित प्रक्रिया और अनुमति का पालन किया गया था या नहीं, इसकी भी जानकारी जांच के दौरान सामने आ सकती है। वहीं, शराब पीने के आरोपों की सच्चाई भी पुलिस जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है।

मेडिकल रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

पुलिस ने संबंधित लोगों का चिकित्सकीय परीक्षण करवाया है। अब मेडिकल रिपोर्ट इस मामले में महत्वपूर्ण हो सकती है। रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई तय करेगी। फिलहाल किसी भी पक्ष के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पंचायत घर में वास्तव में क्या हुआ था और वहां मौजूद लोगों की भूमिका क्या थी।

पंचायत प्रशासन के लिए भी मामला महत्वपूर्ण

पंचायत विवाद से जुड़े इस मामले ने स्थानीय पंचायत भवनों के इस्तेमाल और वहां होने वाली गतिविधियों को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पंचायत घर ग्रामीण प्रशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जहां लोगों के विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं और स्थानीय समस्याओं से जुड़े काम किए जाते हैं। ऐसे स्थान पर विवाद सामने आने के बाद प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी नियम का उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

पुलिस जांच पर टिकी नजर

फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। मेडिकल रिपोर्ट, संबंधित लोगों के बयान और मौके से मिले तथ्यों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। पुलिस यह भी देख सकती है कि पंचायत घर में लोग किस उद्देश्य से मौजूद थे और शराब से जुड़े आरोपों की वास्तविकता क्या है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में अगला कदम तय किया जाएगा।

भेरड़ा पंचायत में विवाद क्यों हुआ?

छुट्टी के दिन पंचायत घर में कुछ लोगों की मौजूदगी और वहां शराब पीने के आरोपों के बाद विवाद सामने आया।

शिकायत किसने की?

भेरड़ा पंचायत की प्रधान अनु देवी ने मामले की शिकायत सुजानपुर पुलिस से की।

क्या पुलिस ने मामला दर्ज किया है?

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, प्रधान की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है और संबंधित लोगों का चिकित्सकीय परीक्षण करवाया गया है।

क्या आरोप साबित हो चुके हैं?

नहीं। मामले की जांच अभी जारी है। आरोपों की पुष्टि जांच, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर होगी।

Sept. 7, 2026 5:19 p.m. 332
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