Post by : Himachal Bureau
बड़सर क्षेत्र में निजी वाहन का इस्तेमाल कर सवारियां ढोने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार टैक्सी यूनियन के सदस्यों ने एक ऐसे वाहन को पकड़ा, जिस पर निजी गाड़ी में सवारियों को ले जाने का आरोप लगाया गया। वाहन को पकड़ने के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच काफी देर तक मामले को लेकर बातचीत होती रही। टैक्सी यूनियन का कहना है कि निजी वाहनों का इस्तेमाल व्यावसायिक रूप से सवारियां ले जाने के लिए किए जाने से नियमों के तहत काम करने वाले टैक्सी संचालकों के सामने परेशानी खड़ी होती है। यूनियन से जुड़े लोगों ने इस तरह की गतिविधियों पर निगरानी रखने और नियमों के अनुसार कार्रवाई की मांग उठाई।
बताया जा रहा है कि जब टैक्सी यूनियन के सदस्यों को निजी गाड़ी में सवारियां ले जाने की जानकारी मिली तो उन्होंने वाहन को मौके पर रोक लिया। इसके बाद वाहन में मौजूद सवारियों और चालक से संबंधित जानकारी ली गई। यूनियन के सदस्यों ने संबंधित अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दी। मौके पर हुई कार्रवाई का उद्देश्य यह पता लगाना था कि वाहन का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था और क्या वह सवारियां ले जाने के लिए निर्धारित नियमों के अनुरूप था।
टैक्सी संचालकों का कहना है कि Commercial Vehicle और निजी वाहन के बीच नियमों के तहत स्पष्ट अंतर होता है। व्यावसायिक रूप से यात्रियों को ले जाने वाले वाहनों के लिए निर्धारित दस्तावेज और अनुमति जरूरी होती है। वहीं, निजी वाहनों को सामान्य तौर पर व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए पंजीकृत किया जाता है। यूनियन का आरोप है कि यदि निजी वाहनों से नियमित रूप से सवारियां ढोई जाएंगी तो इससे टैक्सी कारोबार से जुड़े लोगों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। टैक्सी संचालकों का कहना है कि वे परमिट, कर और अन्य निर्धारित नियमों का पालन करते हुए अपना काम करते हैं।
वाहन पकड़े जाने के बाद मामले की जानकारी संबंधित विभाग तक पहुंचाई गई। मौके पर मौजूद लोगों ने वाहन और उसमें सवार यात्रियों से जुड़ी जानकारी अधिकारियों के सामने रखने की बात कही। आगे की कार्रवाई संबंधित नियमों और जांच के आधार पर किए जाने की बात सामने आई। हालांकि, मामले में वाहन चालक पर लगाए गए आरोपों और अंतिम कार्रवाई की स्थिति की पुष्टि संबंधित विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर ही मानी जाएगी। Taxi Union की ओर से निजी वाहनों के माध्यम से सवारियां ढोने की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की गई है।
टैक्सी यूनियन के सदस्यों का कहना है कि यदि कोई निजी वाहन व्यावसायिक तौर पर सवारियां ढोता पाया जाता है तो इसकी जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि नियम सभी वाहन चालकों के लिए समान होने चाहिए और किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। यूनियन ने प्रशासन और संबंधित विभाग से क्षेत्र में ऐसे वाहनों पर नजर रखने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे Taxi Service से जुड़े लोगों के हितों की रक्षा के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन भी सुनिश्चित किया जा सकता है।
टैक्सी संचालकों के अनुसार यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने वाले वाहनों की वैधता और जरूरी दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण है। उनका कहना है कि यात्रियों को भी वाहन में सफर करने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वाहन निर्धारित नियमों के तहत यात्रियों को ले जाने के लिए अधिकृत है। बड़सर में सामने आए इस मामले के बाद अब लोगों की नजर संबंधित विभाग की कार्रवाई पर है। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
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