Author : Sourabh Jain
हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई को और तेज करते हुए तस्करी से जुड़ी संपत्तियों पर बड़ा आर्थिक प्रहार किया है। पुलिस की यह कार्रवाई केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं रही, बल्कि अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें फ्रीज करने तक पहुंच गई है। इस कार्रवाई के तहत करीब 1.97 करोड़ रुपये की संपत्ति पर रोक लगाई गई है। मामला एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज प्राथमिकी संख्या 265/2025 से जुड़ा है। इस मामले में आरोपी के कब्जे से 10.330 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए आरोपी और उसके परिजनों के नाम पर मौजूद संपत्तियों तथा वित्तीय लेनदेन की भी जांच की।
जांच के दौरान सामने आई संपत्तियों को लेकर सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, सफेम अधिनियम तथा एनडीपीएस अधिनियम, नई दिल्ली के स्तर पर कार्रवाई की गई। संबंधित प्राधिकारी ने आरोपी और उसके परिजनों के नाम पर अर्जित संपत्तियों की फ्रीजिंग की पुष्टि कर दी है। पुलिस के अनुसार बद्दी की लक्ष्मी नारायण कॉलोनी में स्थित 6 बिस्वा जमीन और उस पर बना तीन मंजिला भवन भी इस कार्रवाई के दायरे में शामिल है। इसके अलावा एक स्कॉर्पियो-एन वाहन तथा बैंक खातों में जमा रकम को भी फ्रीज किया गया है। इन सभी संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत करीब 1.97 करोड़ रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की शुरुआत नशीले पदार्थ की बरामदगी से हुई थी। 10.330 किलोग्राम गांजा मिलने के बाद मामले को NDPS Act के तहत आगे बढ़ाया गया। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने यह पता लगाने का प्रयास किया कि नशीले पदार्थों के कथित अवैध कारोबार से आरोपी ने किन संपत्तियों और वित्तीय संसाधनों को अर्जित किया। इसी क्रम में हुई Financial Investigation के दौरान जमीन, भवन, वाहन और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी सामने आई। पुलिस ने इन संपत्तियों को Drug Smuggling से अर्जित अवैध संपत्ति के संभावित हिस्से के तौर पर जांच के दायरे में रखा और सक्षम प्राधिकारी के समक्ष कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
बद्दी पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई अब केवल तस्करों को पकड़ने और नशीले पदार्थ बरामद करने तक सीमित नहीं रहेगी। पुलिस अवैध कारोबार से कमाई गई संपत्तियों की पहचान पर भी ध्यान दे रही है। इसके तहत जमीन, मकान, वाहन और बैंक खातों समेत अन्य वित्तीय संसाधनों की जांच की जा रही है। पुलिस की इस रणनीति का उद्देश्य नशा कारोबार से जुड़े आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करना है। Drug Trafficking से अर्जित संपत्ति की पहचान कर उसे फ्रीज या जब्त करने की कार्रवाई से तस्करों की आर्थिक गतिविधियों पर सीधा असर डालने का प्रयास किया जा रहा है।
बद्दी के पुलिस अधीक्षक विनोद धीमान ने स्पष्ट किया कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस का कहना है कि नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में अब संपत्ति और आर्थिक लेनदेन की जांच को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इससे Property Freeze जैसी कार्रवाई के जरिए अवैध कारोबार से जुड़े लोगों की आर्थिक ताकत पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। बद्दी पुलिस की यह कार्रवाई औद्योगिक क्षेत्र में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस आने वाले समय में भी नशा तस्करी से जुड़े मामलों में नशीले पदार्थों की बरामदगी के साथ-साथ कथित अवैध कमाई और उससे बनाई गई संपत्तियों की जांच जारी रखने की बात कह रही है।
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