Author : Sourabh Jain
औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के हरिपुर संडोली स्थित खाटू श्याम मंदिर में गुप्त नवरात्रों के पावन अवसर पर आयोजित श्री भक्तमाल कथा का श्रद्धा, भक्ति और वैदिक विधि-विधान के साथ भव्य समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन मंदिर परिसर में हवन, पूर्णाहुति और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म और आध्यात्मिकता के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। Khatu Shyam Mandir में आयोजित इस धार्मिक आयोजन के दौरान पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कथा के अंतिम दिन अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास पंडित जगमोहन दत्त शास्त्री ने भक्त कुब्बा कुम्हार और संत सूरदास के जीवन से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि सच्ची भक्ति, सेवा, समर्पण और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास मनुष्य के जीवन को नई दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि संतों और महापुरुषों का जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके बताए मार्ग पर चलकर व्यक्ति न केवल आध्यात्मिक उन्नति कर सकता है, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारे और मानवता की भावना को भी मजबूत बना सकता है। Bhaktamal Katha के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति और सदाचार का संदेश दिया गया।
समापन अवसर पर आयोजित हवन और पूर्णाहुति में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ संपन्न हुआ और सभी श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और समाज के कल्याण की कामना की। मंदिर परिसर में पूरे दिन धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला चलता रहा और भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय सामाजिक संगठनों, मंदिर समिति के सदस्यों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की भी सक्रिय सहभागिता रही। Gupt Navratri के पावन अवसर पर आयोजित इस धार्मिक आयोजन ने क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक सशक्त बनाया।
कथा व्यास ने अपने प्रवचनों में कहा कि धर्म का वास्तविक स्वरूप केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज सेवा, मानवता, सद्भाव और जरूरतमंदों की सहायता भी सच्ची भक्ति का हिस्सा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने दैनिक जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने और समाज में सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक आयोजन केवल आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान नहीं करते, बल्कि समाज को एकजुट करने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य भी करते हैं। Religious Event के माध्यम से लोगों में सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का संदेश भी प्रसारित हुआ।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, मंदिर समिति के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और आसपास के गांवों से आए श्रद्धालु उपस्थित रहे। समापन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया और सभी ने आयोजन की सफलता के लिए मंदिर समिति की सराहना की। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इसी प्रकार के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि लोगों को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और सनातन परंपराओं से जोड़ने का कार्य निरंतर जारी रखा जा सके। Baddi News के अनुसार इस आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता को नई मजबूती प्रदान की।
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