Author : Sourabh Jain
बद्दी पुलिस थाने में उस समय माहौल गरमा गया, जब ब्लॉगर Vishu Rana को पूछताछ के लिए बुलाए जाने की जानकारी सामने आई। खबर मिलते ही उनके समर्थक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े लोग थाने पहुंच गए। थाने के बाहर और परिसर में लोगों ने पुलिस प्रशासन, सरकार और दून विधायक के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान काफी देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा और पुलिस कार्रवाई को लेकर लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की।
भाजपा से जुड़े नेताओं ने आरोप लगाया कि दून विधानसभा क्षेत्र में युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। नेताओं का कहना था कि युवाओं के खिलाफ मामले दर्ज किए जाने से उनके बीच असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से पूरे मामले में पारदर्शिता बरतने तथा कार्रवाई के पीछे की वजह स्पष्ट करने की मांग की।
आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी युवाओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाने को लेकर सवाल उठाए। पार्टी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ते हुए कहा कि युवाओं को अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच पुलिस की कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है।
विशु राणा के वकील डॉ. संदीप कुमार सचदेवा ने भी पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। उनके अनुसार, 29 अगस्त को सोशल मीडिया पर दून विधायक और उनकी पत्नी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर शिकायत दी गई थी। इसी शिकायत के संबंध में विशु राणा को पूछताछ के लिए पुलिस थाने बुलाया गया था।
विशु राणा ने कहा कि संबंधित शिकायत से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह उस फेसबुक आईडी के संचालक को नहीं जानते, जिससे कथित पोस्ट की गई थी। उनके बयान के बाद मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि सोशल मीडिया पोस्ट से उनका वास्तविक संबंध क्या है और शिकायत की जांच में पुलिस को किन तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करनी है।
पूरा मामला कथित सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायत में दून विधायक और उनकी पत्नी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक सामग्री का आरोप लगाया गया था। अब पुलिस पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उक्त पोस्ट किसने प्रकाशित की और उसका विशु राणा से कोई संबंध है या नहीं।
मामले के सामने आने के बाद Baddi News में यह घटना चर्चा का प्रमुख विषय बन गई है। एक तरफ राजनीतिक दल पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शिकायत और सोशल मीडिया पोस्ट की जांच को लेकर पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी।
विशु राणा के समर्थन में पहुंचे लोगों ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान Police Action को लेकर कई सवाल उठाए गए। लोगों का कहना था कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करते समय तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
फिलहाल विवाद का केंद्र कथित सोशल मीडिया पोस्ट और उससे जुड़ी शिकायत है। Social Media Case में पुलिस की जांच यह स्पष्ट कर सकती है कि पोस्ट किस खाते से की गई और उसके पीछे कौन जिम्मेदार है। वहीं, विशु राणा अपने ऊपर लगाए जा रहे किसी भी संबंध से इनकार कर रहे हैं। मामले में सभी पक्षों के बयानों और जांच के निष्कर्षों के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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