Author : Sourabh Jain
हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के अमरावती स्थित जीएस रिजॉर्ट में आयोजित Shrimad Bhagwat Katha के तीसरे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था और देखते ही देखते पूरा परिसर भक्तों से खचाखच भर गया। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे। वृंदावन की सुप्रसिद्ध कथावाचक Shyama Kishori Ji ने अपने मधुर एवं ओजस्वी प्रवचनों से उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण के ध्रुव चरित्र का अत्यंत मार्मिक और प्रेरणादायक वर्णन करते हुए बताया कि सच्ची श्रद्धा, अटूट विश्वास और ईश्वर के प्रति समर्पण से जीवन की हर कठिनाई को पार किया जा सकता है।
कथा के दौरान कथावाचक ने मनु महाराज, माता सुनीति और सुरुचि के प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जीवन में संस्कार, धैर्य और सत्य के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति अंततः सफलता प्राप्त करता है। ध्रुव की कठोर तपस्या और भगवान के प्रति उनकी अटूट भक्ति आज भी मानव समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि माता सुनीति ने अपने पुत्र को कभी प्रतिशोध का मार्ग नहीं दिखाया, बल्कि भगवान की भक्ति का मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी। यही कारण था कि ध्रुव ने कठिन तप कर भगवान की कृपा प्राप्त की और अमर ध्रुव तारे के रूप में संसार में अपनी पहचान बनाई।
अपने प्रवचन में कथावाचक ने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं की दौड़ में आध्यात्मिक मूल्यों से दूर होता जा रहा है। यदि समाज में प्रेम, शांति और आपसी भाईचारा बनाए रखना है तो Bhagwat Katha के संदेशों को जीवन में अपनाना आवश्यक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को धार्मिक संस्कार दें, माता-पिता का सम्मान करें और सत्य, सेवा तथा सदाचार के मार्ग पर चलें। यही जीवन को सफल और सार्थक बनाने का सबसे श्रेष्ठ उपाय है।
पूरे कथा पंडाल में भजन-कीर्तन और भगवान के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु पूरे मनोयोग से कथा का श्रवण करते रहे और प्रवचन के दौरान कई श्रद्धालु भावुक भी हो गए। कथा समाप्ति के बाद सभी श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं के लिए बैठने, पेयजल और प्रसाद की बेहतर व्यवस्था की थी। आयोजकों ने बताया कि Baddi News के इस प्रमुख धार्मिक आयोजन में आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का विस्तृत वर्णन किया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से शामिल होने की अपील की गई है।
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