डीएवी कुमारसैन की पूर्व छात्रा डॉ. अमेया शर्मा विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में शामिल
डीएवी कुमारसैन की पूर्व छात्रा डॉ. अमेया शर्मा विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में शामिल

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Oct. 9, 2026 10:13 a.m. 131

कुमारसैन, 9 अक्टूबर, रजनीश कपिल: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के बड़ागांव की निवासी डॉ. अमेया शर्मा ने अपनी शैक्षणिक और शोध उपलब्धियों से प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उनका चयन Stanford University-Elsevier की World’s Top 2% Scientists सूची में हुआ है। इस उपलब्धि से उनके परिवार, क्षेत्र और उनसे जुड़े शैक्षणिक संस्थानों में खुशी का माहौल है।

डीएवी कुमारसैन और हमीरपुर से हासिल की प्रारंभिक शिक्षा

डॉ. अमेया शर्मा बड़ागांव की स्थायी निवासी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी कुमारसैन और डीएवी हमीरपुर से प्राप्त की। इसके बाद डीएवी हमीरपुर से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने चिटकारा विश्वविद्यालय का रुख किया, जहां से बी.फार्मेसी और एम.फार्मेसी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने फार्मास्यूटिकल साइंसेज में पीएच.डी. की उपाधि हासिल की। वर्तमान में डॉ. अमेया शर्मा चिटकारा विश्वविद्यालय के बद्दी परिसर स्थित चिटकारा स्कूल ऑफ फार्मेसी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी यात्रा और शोध के प्रति समर्पण ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।

Read Also: मझीण स्कूल की समाजशास्त्र लेक्चरर नीलम वर्मा का निधन, विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों में शोक

फार्मास्यूटिकल साइंसेज में शोध पर विशेष ध्यान

डॉ. अमेया शर्मा का शोध कार्य मुख्य रूप से घाव भरने की प्रक्रिया, दवाओं को शरीर तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने की तकनीक, बायोमटेरियल्स और उन्नत फार्मास्यूटिकल डिलीवरी सिस्टम्स पर केंद्रित है। इन क्षेत्रों में शोध का उद्देश्य दवाओं के उपयोग और उपचार से जुड़ी तकनीकों को बेहतर बनाने की दिशा में वैज्ञानिक जानकारी विकसित करना है। उनके शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विभिन्न शोध परियोजनाओं और पेटेंट से जुड़े कार्यों के माध्यम से भी योगदान दिया है।

विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में चयन

Stanford University और Elsevier से जुड़ी World’s Top 2% Scientists सूची वैज्ञानिकों के शोध प्रकाशनों और उद्धरणों सहित विभिन्न शोध-संबंधी मानकों के आधार पर तैयार की जाती है। इस सूची में डॉ. अमेया शर्मा का शामिल होना उनके वैज्ञानिक कार्यों को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान के रूप में देखा जा रहा है। उनकी यह उपलब्धि हिमाचल प्रदेश के उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है, जो उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं। इससे यह संदेश मिलता है कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर भी विद्यार्थी अपने ज्ञान, मेहनत और शोध के माध्यम से वैश्विक स्तर पर पहचान बना सकते हैं।

शैक्षणिक संस्थानों में खुशी का माहौल

डॉ. अमेया शर्मा की इस उपलब्धि से डीएवी कुमारसैन और डीएवी हमीरपुर से जुड़े लोगों में खुशी है। उनकी शैक्षणिक यात्रा इन संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन सकती है। उनकी सफलता ने एक बार फिर यह दिखाया है कि शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में निरंतर प्रयास से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई जा सकती है।

#शिमला #हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #विद्यालय
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को राष्ट्रीय सम्मान, प्रदेश का नाम रोशन सिरमौर में 24 वर्षीय प्रधान का फैसला, शादी में फिजूलखर्ची पर 51 हजार जुर्माना मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रैंक, सराज का नाम किया रोशन 1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इतिहास बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक कचरा हटाया हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी किए निर्देश मणिमहेश यात्रा के पहले दिन 253 श्रद्धालु हुए रवाना, 20 सितंबर तक चलेगी यात्रा