Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
कुमारसैन, 9 अक्टूबर, रजनीश कपिल: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के बड़ागांव की निवासी डॉ. अमेया शर्मा ने अपनी शैक्षणिक और शोध उपलब्धियों से प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उनका चयन Stanford University-Elsevier की World’s Top 2% Scientists सूची में हुआ है। इस उपलब्धि से उनके परिवार, क्षेत्र और उनसे जुड़े शैक्षणिक संस्थानों में खुशी का माहौल है।
डॉ. अमेया शर्मा बड़ागांव की स्थायी निवासी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी कुमारसैन और डीएवी हमीरपुर से प्राप्त की। इसके बाद डीएवी हमीरपुर से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने चिटकारा विश्वविद्यालय का रुख किया, जहां से बी.फार्मेसी और एम.फार्मेसी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने फार्मास्यूटिकल साइंसेज में पीएच.डी. की उपाधि हासिल की। वर्तमान में डॉ. अमेया शर्मा चिटकारा विश्वविद्यालय के बद्दी परिसर स्थित चिटकारा स्कूल ऑफ फार्मेसी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी यात्रा और शोध के प्रति समर्पण ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
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डॉ. अमेया शर्मा का शोध कार्य मुख्य रूप से घाव भरने की प्रक्रिया, दवाओं को शरीर तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने की तकनीक, बायोमटेरियल्स और उन्नत फार्मास्यूटिकल डिलीवरी सिस्टम्स पर केंद्रित है। इन क्षेत्रों में शोध का उद्देश्य दवाओं के उपयोग और उपचार से जुड़ी तकनीकों को बेहतर बनाने की दिशा में वैज्ञानिक जानकारी विकसित करना है। उनके शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विभिन्न शोध परियोजनाओं और पेटेंट से जुड़े कार्यों के माध्यम से भी योगदान दिया है।
Stanford University और Elsevier से जुड़ी World’s Top 2% Scientists सूची वैज्ञानिकों के शोध प्रकाशनों और उद्धरणों सहित विभिन्न शोध-संबंधी मानकों के आधार पर तैयार की जाती है। इस सूची में डॉ. अमेया शर्मा का शामिल होना उनके वैज्ञानिक कार्यों को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान के रूप में देखा जा रहा है। उनकी यह उपलब्धि हिमाचल प्रदेश के उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है, जो उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं। इससे यह संदेश मिलता है कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर भी विद्यार्थी अपने ज्ञान, मेहनत और शोध के माध्यम से वैश्विक स्तर पर पहचान बना सकते हैं।
डॉ. अमेया शर्मा की इस उपलब्धि से डीएवी कुमारसैन और डीएवी हमीरपुर से जुड़े लोगों में खुशी है। उनकी शैक्षणिक यात्रा इन संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन सकती है। उनकी सफलता ने एक बार फिर यह दिखाया है कि शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में निरंतर प्रयास से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई जा सकती है।
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