Post by : Himachal Bureau
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान से एक विशेष मिनी मैराथन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ पर्यावरण, स्वस्थ जीवनशैली और नशे से दूर रहने के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन को रवाना किया। इस आयोजन में विभिन्न सरकारी विभागों, पुलिस प्रशासन, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों ने मिलकर भागीदारी निभाई।
मैराथन में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से आए लोगों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विद्यार्थियों, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं तथा विशेष रूप से दिव्यांग प्रतिभागियों की बड़ी भागीदारी ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना और लोगों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति प्रेरित करना था।
इस अवसर पर राज्यपाल ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छ वातावरण और शुद्ध हवा के लिए पूरे देश में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की यह पहचान भविष्य में भी बनी रहे, इसके लिए सभी नागरिकों को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने लोगों से प्रकृति के संरक्षण को अपनी प्राथमिकता बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ समाज का निर्माण एक-दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं। यदि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो आने वाली पीढ़ियों को भी स्वच्छ और स्वस्थ जीवन मिल सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि विकास आवश्यक है, लेकिन विकास की प्रक्रिया में पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
राज्यपाल ने समाज में बढ़ती नशे की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं को नशे से बचाना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जागरूकता अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम लोगों को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जनसहभागिता के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की शपथ भी दिलाई गई। इसके अलावा पर्यावरण से संबंधित एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विषयों पर जानकारी साझा की गई। आयोजन में कई वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के प्रति लोगों की बढ़ती भागीदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया।
सिरमौर के 8 खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में दिखाएंगे दम...
सिरमौर के कोटड़ी व्यास स्कूल के 8 खिलाड़ियों का राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ। हैंडबॉल
हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को राष्ट्रीय सम्मान, प्रदेश का न...
हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को National Inspiration Award 2026 से सम्मानित किया गया। कला और संस्कृति
सिरमौर में 24 वर्षीय प्रधान का फैसला, शादी में फिजूलखर्ची पर...
सिरमौर की सखोली पंचायत ने शादी में फिजूलखर्ची रोकने के लिए नए नियम बनाए, उल्लंघन पर ₹51 हजार जुर्मान
मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रै...
मंडी की मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में ऑल इंडिया 65वीं रैंक हासिल कर सराज और हिमाचल का नाम रोशन कि
1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इ...
Hamirpur स्थापना दिवस पर जानें जिले का इतिहास, वीरभूमि की पहचान, कटोच वंश और 1 सितंबर 1972 को जिला ब
बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक ...
कुल्लू के बिजली महादेव मंदिर में Rotary Club और रोवर्स-रेंजर्स ने सफाई अभियान चलाया। करीब 2 क्विंटल
हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें न...
हिमाचल में Swine Flu के मामले बढ़े। जानें H1N1 Symptoms, बचाव, इलाज और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूर